गोंडा। मंडलायुक्त ने रविवार को डीएम के साथ संपूर्ण समाधान व थाना दिवस में आईं शिकायतों की समीक्षा की। मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने कहा कि शिकायतें मिलने के बाद भी एसडीएम व तहसीलदार प्रभावी कार्रवाई नहीं करते। धारा 24 के प्रकरणों में अनावश्यक देरी की गई है। ऐसे में दबंगों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
मंडलायुक्त ने कहा कि सीमांकन के बाद भी चिह्नों को उखाड़कर फेंकने और उसके बाद भी कोई कार्रवाई न करना गंभीर विषय है। आमजन बार-बार सार्वजनिक चकमार्गों पर अतिक्रमण की शिकायतें करते हैं। आरक्षित भूमि, नाली, खलिहान, तालाब, खाद गड्ढा जैसे स्थलों पर अतिक्रमण के बावजूद मौन रहना एसडीएम व तहसीलदार का लापरवाहीपूर्ण रवैया है। प्रकरण निस्तारण के नाम पर शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। मंडलायुक्त ने डीएम नेहा शर्मा से कहा कि एक बार में ही शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। फरियादियों को बार-बार मुख्यालय व राजधानी न दौड़ाया जाए। अगर इस रवैये पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो संबंधित अफसरों खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।