गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक प्रशिक्षण को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। कोर्ट ने मूल पद पर प्रत्यावर्तन (मूल वापस) के आदेश को निरस्त कर दिया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक ने बीएसए को न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने का आदेश दिया है।
मुजेहना ब्लॉक के दत्तनगर प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक रहे हरिगोविंद यादव जिला समन्वयक प्रशिक्षण के पद पर तैनात थे। लेकिन बीते एक मई को उन्हें जिला समन्वयक प्रशिक्षण के पद से कार्यमुक्त कर दिया गया। हरगोविंद यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की तो एकल पीठ ने छह मई को स्थगनादेश पारित किया। इसके बावजूद 27 मई 2025 को बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने उन्हें निलंबित भी कर दिया। बीएसए ने आरोप लगाया कि हरिगोविंद ने जिला समन्वयक प्रशिक्षण के पद का चार्ज नहीं दिया और न ही अपने मूल तैनाती वाले विद्यालय में योगदान दिया। बीएसए ने जिला समन्वयक प्रशिक्षण के पद पर भर्ती के लिए विज्ञापन भी निकाल दिया। इससे क्षुब्ध हरगोविंद यादव ने हाईकोर्ट में स्पेशल अपील दायर कर दी। बीते 10 अक्तूबर 2025 को सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला और न्यायमूर्ति राजन राय ने स्पेशल अपील को स्वीकार कर लिया और बीएसए द्वारा एक मई 2025 को जारी हरि गोविंद यादव का प्रत्यावर्तन आदेश निरस्त कर दिया। इसी क्रम में मंगलवार को महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने पत्र जारी कर न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने का आदेश दिया है।