गोंडा। नवाबगंज डिस्टिलरी से शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली 27,610 बल्क लीटर ग्रेन ईएनए (एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल) की चोरी के मामले में सोमवार को सहायक आबकारी आयुक्त की बर्खास्तगी से महकमे में खलबली मच गई है। इतनी बड़ी कार्रवाई को लेकर कर्मचारियों में चर्चा होती रही।
नवंबर 2024 को ईएनए चोरी का मामला सामने आने पर आबकारी आयुक्त ने डिस्टलरी फैक्टरी स्टार लाइट बुकेम लिमिटेड का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। फैक्टरी को सील भी करा दिया था। सहायक आबकारी आयुक्त रामप्रीत चौहान ने फैक्टरी के चेयरमैन जगदीश अग्रवाल, प्रबंधक रचित मेहरोत्रा, केमिस्ट सह एजेंट चंद्रप्रकाश मिश्र, बॉटलिंग मैनेजर अमित ठाकुर, बॉटलिंग सुपरवाइजर अमित अग्रवाल व एक अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में नवाबगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
जांच में पाया गया कि मेसर्स स्टार लाइट बुकेम लिमिटेड ने परमिट पर मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित जैगपिन ब्रेवरीज लिमिटेड से ग्रेन ईएनए आयात किया, लेकिन उसे स्टॉक में नहीं शामिल किया। इससे सरकार को 2.73 करोड़ रुपये के आबकारी राजस्व का नुकसान हुआ। एक साल से पूरे मामले की जांच चल रही थी। सोमवार को मामले में कार्रवाई की खबर आई तो जिला आबकारी अधिकारी के कार्यालय में सन्नाटा पसर गया।कार्यालय में सिर्फ दो कर्मचारी ही नजर आए। कार्रवाई को लेकर दोनों आपस में चर्चा कर रहे थे। जानकारी करने पर बोले- हमें कुछ नहीं पता। साहब को मालूम होगा। सहायक आबकारी आयुक्त रामप्रीत चौहान के नवाबगंज डिस्टिलरी स्थित कार्यालय में भी सन्नाटा पसरा रहा। यहां भी मामले को लेकर आपस में चर्चा तो होती रही, लेकिन कोई भी व्यक्ति पहुंचता तो कर्मचारी चुप्पी साध लेते।
ऐसे हुआ खेल
नवंबर 2024 को ईएनए चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। मुकदमे के तत्कालीन विवेचक निर्भय नारायण सिंह ने तफ्तीश शुरू की तो पाया कि मेसर्स स्टार लाइट बुकेम लिमिटेड मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित जैगपिन ब्रेवरीज लिमिटेड से दो टैंकर ग्रेन ईएनए लेकर चले थे, लेकिन नवाबगंज डिस्टिलरी नहीं पहुंचे। दोनों टैंकर की लोकेशन अयोध्या के रौनाही टोल प्लाजा तक ही मिली थी। इसके बाद दोनों लापता हो गए। तत्कालीन विवेचक निर्भय का कहना है कि डिस्टिलरी के अधिकारियों व कर्मचारियों ने बताया था कि टैंक में लीकेज होने के कारण ईएनए बह गया। जब फोरेंसिक टीम से जांच कराई गई तो विशेषज्ञों ने पाया कि टैंक में जहां लीकेज बताया गया, वहां पर आरी या किसी धारदार मशीन से काटा गया था। इससे स्पष्ट है कि लीकेज हुआ नहीं बल्कि दिखाने का प्रयास किया गया।