गोंडा। फर्नीचर आपूर्ति में करोड़ों की रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप में घिरे बीएसए अतुल कुमार तिवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामले में बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप चंद्र बघेल ने बीएसए और शिकायतकर्ता को लखनऊ तलब किया है। निदेशक लखनऊ में सोमवार को दोपहर एक बजे दोनों पक्षों की आमने-सामने सुनवाई करेंगे। प्रभारी बीएसए राम खेलावन ने दोनों पक्षों को सूचना भेज दी है।
फर्नीचर आपूर्ति मामले में मोतीगंज के किनकी निवासी मनोज पांडेय की शिकायत पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद चार नवंबर से ही बीएसए अतुल कुमार तिवारी अवकाश पर हैं। उनकी छुट्टी आठ तक ही थी, नौ को रविवार था। 10 को उन्हें निदेशक के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया है। शिकायतकर्ता व नीमन सीटिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के एमडी मनोज पांडेय को भी तलब किया गया है।
मनोज ने बीएसए और दो जिला समन्वयकों पर 2.25 करोड़ रुपये की घूस मांगने का आरोप लगाया था। मनोज के मुताबिक 564 विद्यालयों में फर्नीचर आपूर्ति के टेंडर में कंपनी को एल-1 घोषित किया गया था, जिसके बाद बीएसए अतुल कुमार तिवारी, जिला समन्वयक (जेम) प्रेमशंकर मिश्र और जिला समन्वयक (सिविल) विद्याभूषण मिश्र ने 15 प्रतिशत कमीशन मांगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, चार जनवरी को उन्हें बीएसए आवास पर बुलाया गया। जहां 22 लाख रुपये बीएसए को और 4-4 लाख रुपये दोनों समन्वयकों को दिए थे। शेष रकम न देने पर 50.38 लाख का डिमांड ड्राफ्ट रद्द कर दिया गया। उनकी फर्म को दो वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।
माना जा रहा है कि बयान दर्ज होने के बाद बीएसए के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है। प्रभारी बीएसए रामखेलावन सिंह ने बताया कि शासन से दोनों को तलब किया गया है। बीएसए व शिकायतकर्ता को सूचना दे दी गई है।