धानेपुर के ककरहा घाट के पास जलभराव के चलते नाव से आवागमन करते ग्रामीण। - संवाद
गोंडा। मुजेहना क्षेत्र में बिसुही नदी पर बने डिप पुल (अतिप्रवाहित जल में डूब जाने वाला सतही स्तर का सेतु) के डूबने से दो किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए शिक्षकों व ग्रामीणों को 20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इमरजेंसी सेवाएं पहुंचने में मिनटों के बजाय घंटेभर का समय लग रहा है। मजबूरी में लोग पैसे खर्च कर नाव के सहारे एक छोर से दूसरी ओर जा रहे हैं।
मुजेहना विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उज्जैनीकला से नौडिहवा, भोरहा, दतौली संपर्क मार्ग पर पड़ने वाले ककरहा घाट से होकर लोगों का आवागमन होता है। इस संपर्क मार्ग को जोड़ने के लिए बने डिप पुल के नीचे से बिसुही नदी बह रही है। भारी वर्षा के कारण प्रत्येक वर्ष यह डिप पुल डूब जाता है। इसी रास्ते से होकर जाने वाले परिषदीय विद्यालय नौडिहवा के प्रभारी प्रधानाध्यापक अशोक यादव ने बताया कि बरसात के मौसम में यह पुल पानी में डूब जाता है। पुल से एक मीटर से अधिक ऊंचाई तक पानी का बहाव होता है। जिससे परिषदीय विद्यालय नौडिहवा के साथ ही पूरेमधान, शिवदयाल खरीहा व सुंदरघाट विद्यालय जाने वाले अध्यापकों को दो मीटर नदी पार करने के लिए 10 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। प्रधान प्रतिनिधि मसीहुद्दीन खान ने बताया कि पुल डूबने की समस्या से प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।