एम्स इंटर कॉलेज में आयोजित पुलिस पाठशाला में विद्यार्थियों को जानकारी देते एसपी विनीत जायसवाल,
गोंडा। अमर उजाला की ओर से बृहस्पतिवार को शहर के एम्स इंटर कॉलेज में पुलिस पाठशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अफसरों ने छात्र-छात्राओं को परीक्षा की तैयारी के साथ ही साइबर अपराध से बचने के तरीके बताए।
विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा शांत की। कार्यक्रम में निदेशक डॉ. अभय श्रीवास्तव, विशाल सिंह, अनवया श्रीवास्तव, सुरेश यादव, जयप्रकाश, अनुभूति, कविता, सरिता के साथ ही अन्य ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया। एंटी रोमियो टीम की प्रभारी पूजा वर्मा ने महिला सुरक्षा को लेकर जागरूक किया।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
पुलिस पाठशाला के मुख्य अतिथि एसपी विनीत जायसवाल ने कहा, डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं है। यह सिर्फ मन का डर है, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठाते हैं। कोई भी अनजान व्यक्ति फोन कर डराए, धमकाए तो घबराएं नहीं। उसकी काॅल काटकर तत्काल पुलिस की मदद लें। कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता आवश्यक है। इसके लिए सोशल मीडिया का प्रयोग सावधानी से करें। कोई परेशान करे तो चुप न रहें। माता-पिता, शिक्षक को बताएं और वूमेन पावर लाइन 1090 पर कॉल करें। एसपी ने कॅरिअर को लेकर विद्यार्थियों से संवाद किया। कहा कि लक्ष्य को केंद्रित करके प्रयास करें, सफलता हर हाल में मिलेगी। यह तभी संभव है जब हम मन लगाकर खुशी से काम करें।
किसी से न साझा करें गोपनीय जानकारी
साइबर टीम के हरिओम टंडन ने कहा कि बैंक डिटेल, ओटीपी एवं व्यक्तिगत जानकारी किसी से कॉल पर साझा न करें। कलर ट्रेडिंग, लाॅटरी एवं क्रिप्टो करेंसी से सतर्क रहें। सोशल मीडिया एकाउंट्स पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट, वीडियो कॉल एवं लुभावने ऑफर्स से बचें। टू स्टेप वेरिफिकेशन अवश्य लगाएं। पुलिस या दोस्त बनकर मदद के नाम पर अथवा भय दिखाकर पैसे मांगे जाने वाली कॉल्स को तुरंत डिस्कनेक्ट कर भौतिक सत्यापन के बगैर धनराशि ट्रांसफर न करें।