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Gonda News: सजा मां पाटेश्वरी का द्वार, बहेगी आस्था की बयार

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 तुलसीपुर स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर परिसर में सज रहा पंडाल। संवाद
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बलरामपुर। चैत्र में मां की स्तुति के नौ दिन बुधवार से शुरू हो रहे हैं। तुलसीपुर स्थित देवीपाटन मंदिर में एक माह तक चलने वाला मेला भी चैत्र नवरात्र के साथ ही शुरू हो जाएगा। इसको लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। साथ ही अन्य देवी मंदिरों में भी तैयारियां चल रही हैं।
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चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। तुलसीपुर स्थित देवीपाटन मंदिर में मां का भव्य दरबार सजाया जा रहा है। यहां पर पूरे एक माह तक मेला चलेगा। मेले में झूला, सर्कस के साथ ही अन्य दुकानें लगेंगी। मेले में बलरामपुर के साथ ही गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच के अतिरिक्त नेपाल से भी श्रद्धालु आते हैं। मेले को लेकर प्रशासन ने अतिरिक्त प्रबंध किए हैं। एडीएम प्रदीप कुमार, एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने मेला स्थल का भ्रमण कर जायजा लिया है।
इसके अतिरिक्त बिजलीपुर मंदिर, झारखंडी मंदिर, समय माता मंदिर, बड़िकी वाहिनी मंदिर, उतरौला स्थित ज्वाला देवी मंदिर पर भी तैयारियां चल रही है। मंदिर की साफ-सफाई के साथ ही अन्य प्रबंध किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को कोई समस्या न हो, इसके लिए मंदिर प्रबंधन के लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, बलरामपुर स्थित कालीथान माताजी के मंदिर पर श्री सतचंडी महायज्ञ का कार्यक्रम शुरू किया गया है। यहां पर सुबह पांच बजे से आठ बजे तक दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा।
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चैत्र नवरात्र पर घर-घर मां विराजेंगी। घरों में भी मां के पूजन की तैयारी शुरू हो गई है। कलश से लेकर पूजन सामग्री तक का प्रबंध किया जा रहा है। घरों के पूजा स्थलों पर मां की झांकी सजाई जा रही है। बाजारों में भी पूजन सामग्री की खरीदारी तेज हो गई है।
नवरात्र में कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह सूर्योदय से लेकर सुबह 11.26 बजे तक है। घट स्थापना के लिए कलश, नारियल, रोली, अक्षत, कलावा व ज्योति जलाने के लिए गाय का शुद्घ घी, हवन की सामग्री, आम की लकड़ी, कपूर से पूजा करना शुभ माना गया है। ईशान कोण में या उत्तर दिशा में एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या फोटो स्थापित करें। गंगाजल छिड़कर उस स्थान को पहले शुद्घ कर लें। इसके बाद मां का पूजन करें।
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