गोंडा। हादसे का कारण व शिकार बन रहे निराश्रित गोवंश को अगले सप्ताह से अभियान चलाकर संरक्षित किया जाएगा। शासन के निर्देश पर इसके लिए प्रदेश स्तर पर संचालित होने वाले अभियान के लिए न्याय पंचायत स्तर पर टीमें गठित की गई है। इसके साथ ही गो-आश्रय केंद्रों में संरक्षित पशुओं की देखभाल समेत अन्य व्यवस्थाओं की भी पड़ताल होगी।
शासन ने इसके लिए देवीपाटन मंडल के चारों जिलों गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती के लिए के लिए नोडल अधिकारी भी नामित कर दिए हैं। सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश भर में 7 से 14 दिसंबर तक निराश्रित पशुओं को संरक्षित करने के लिए विशेष अभियान संचालित किया जाना है। इस अभियान की निगरानी के लिए गोंडा में संयुक्त निदेशक डॉ. जितेंद्र सिंह, बलरामपुर और बहराइच जिले में डॉ. रामधन त्रिपाठी और श्रावस्ती के लिए डॉ. बीनू पांडेय को नोडल अधिकारी नामित किया गया। न्याय पंचायत स्तर पर पशुओं को संरक्षित करने के लिए गठित टीम में पंचायत सचिव के साथ ही सफाई कर्मचारी और पशुधन प्रसार अधिकारियों को शामिल किया गया।
खंड विकास अधिकारी और पशु चिकित्साधिकारी इन टीमों द्वारा किए जाने वाले काम की निगरानी करेंगे। गठित टीमें नियमित तौर पर पूरे सप्ताह अभियान चलाकर सड़क व राजमार्गों पर डेरा जमाने वाले गोवंशों को संरक्षित कर गो आश्रय स्थल तक पहुंचाने का काम करेगी।
गो-आश्रय केंद्रों के काम काज की भी होगी पड़ताल
नामित नोडल अधिकारी अभियान के दौरान जिले में रहकर सभी गो-आश्रय केंद्रों के काम काज की पड़ताल भी करेंगे। इस दौरान नामित अधिकारी संरक्षित पशुओं के भरण-पोषण के साथ ही उन्हें ठंड से बचाने के इंतजामों की जमीनी हकीकत भी परखेंगे।
चारों जिलों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को अभियान के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके लिए जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर न्याय पंचायत स्तर पर टीमें भी गठित कर दी गई है। आमजन से भी अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की जा रही है।
डॉ. एमपी सिंह, अपर निदेशक, देवीपाटन मंडल