नगर के कचहरी रेलवे स्टेशन स्थित सूफी हजरत बाबा सदरुद्दीन शाह ‘कुतबे गोंडा’ के शुरू हुए दो दिवसीय सालाना उर्स में पहले दिन बीती देर शाम जायरीन की भारी भीड़ जुटी। रात में कव्वालों की टोलियों ने अपने कलाम पेश किए। सोमवार को दरगाह के लिए गागर चादर का जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की।
रविवार देर शाम दरगाह के सज्जादानशीन सैयद सलमान वारसी की सरपरस्ती में दरगाह पर हजरत सदरुद्दीन शाह के दो दिवसीय सालाना उर्स का आगाज हुआ।
शाम को मीलाद शरीफ क ा प्रोग्राम हुआ, जिसमें उलेमा ने अपनी तकरीर में दीन की बातें बताने के साथ वलियों के आस्ताने से लगाव रखने के फायदे बताए।
शायर हनीफ वारसी व कारी मोहम्मद सफी व अन्य लोगों ने नात पढ़ी। रात में हजरत शमशुद्दीन शाह वारसी के कुल शरीफ में लोगों ने फातिहा पढ़ा। प्रोग्राम का संचालन अब्दुल वहीद ने किया।
रात में कव्वाल बादशाह आलम ने ‘मेरे मौला अली मेरे मौला हुसैन’ व ‘मेरे सरकार गुलामी में निभाए रखना’ कलाम पेश किया। कव्वाली का जायरीन ने रात भर लुत्फ लिया।
लोगों ने दरगाह पर फूल व चादर चढ़ा कर अपने व मुल्क की तरक्की व अमन-चैन कायम रखने की दुआएं मांगी। वहीं, सोमवार को कचहरी स्टेशन स्थित दुर्गा देवी मंदिर के पुजारी बिजली बाबा की अगुवाई में दरगाह के लिए गागर चादर जुलूस निकाला गया। इसमें असदुल्लाह वारसी, मुन्ना सहारा, हासिम अली आदि ने शिरकत की।