गोंडा। जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को आपदा जोखिम न्यूनीकरण स्टेकहोल्डर कार्यशाला आयोजित की गई। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर हुई इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों की आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की गई। डीएम ने राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों पर चर्चा करते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में बाढ़ की स्थिति में राहत सामग्री की उपलब्धता, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, सुरक्षित आश्रय स्थलों की व्यवस्था, संचार व्यवस्था और बचाव संसाधनों की समीक्षा की गई। अधिकारियों से कहा गया कि आपदा की स्थिति में बिना देरी राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएं।
विशेषज्ञों ने समय पर सूचना, जनभागीदारी और जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया। विभागों को आपदा प्रबंधन योजनाएं अपडेट रखने, मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए गए। कार्यशाला में पीएसी सेनानायक त्रिभुवन सिंह, सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल, मुख्य राजस्व अधिकारी रिंकी जायसवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।