गोंडा। वजीरगंज में पार्वती अरगा झील के पास आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में खर्च का भुगतान करने के लिए संबंधित विभागों में होड़ रही। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि वन विभाग ने भुगतान से पहले उन्हें जानकारी नहीं दी। इसी वजह से संबंधित फर्म के संचालक ने 13.95 लाख रुपये अधिक भुगतान करा लिया। रिपोर्ट दर्ज होने के तीसरे दिन विवेचक के छुट्टी पर होने से जांच शुरू नहीं हो सकी।
इंस्पेक्टर विवेक त्रिवेदी ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के जेई ललित कुमार पाठक की तहरीर पर कार्यदायी संस्था महेंद्र सिंह टेंट हाउस फर्म के खिलाफ केस दर्ज कर उपनिरीक्षक धीरेंद्र सिंह को जांच सौंपी गई है। जल्द ही विवेचना शुरू की जाएगी। इसमें संबंधित विभाग के अभिलेख लेने के साथ ही बयान दर्ज किए जाएंगे। किन-किन मदों में दोहरा भुगतान किया गया है, इसका भी पता लगाया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड एक के अधिशाषी अभियंता सुरेश राम ने बताया कि जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी व वन विभाग के अधिकारियों को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी थी। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग ने 19.95 लाख रुपये के भुगतान की पीडब्ल्यूडी को जानकारी नहीं दी। आनन-फानन भुगतान कर दिया गया। संबंधित ठेकेदार ने पीडब्ल्यूडी से 69.30 लाख रुपये भुगतान करा लिया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में दोनों विभागों ने 89 लाख रुपये से अधिक खर्च कर दिए। उनका कहना है कि ठेकेदार ने 13.95 लाख रुपये पीडब्ल्यूडी से भुगतान लेने के बाद दोबारा वन विभाग से भुगतान ले लिया। इसकी विभाग को जानकारी नहीं मिल सकी। (संवाद)