कर निर्धारण से सरकारी राजस्व को बढ़ाने के लिए कारोबार करने वाली फर्मों व कार्यदायी संस्थाओं और सरकारी विभागों में ठेके पर करने वालों का पंजीयन करने के लिए अभियान चलेगा। इसके लिए वाणिज्य कर आयुक्त ने विभाग को सर्कुलर जारी किया है।
इस पर वाणिज्य कर विभाग ने सभी कारोबारियों व ठेके पर कार्य लेने वाले सरकारी व अर्धसरकारी विभागों को नोटिस भेजा है।
प्रदेश के वाणिज्य कर आयुक्त मुकेश कुमार मेश्राम ने राजस्व बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक कारोबार व कार्य करने वाली संस्थाओं का पंजीयन करने के लिए वाणिज्य कर विभाग को सर्कुलर जारी किया है।
जिससे कारोबार करने वाली संस्थाओं को कर निर्धारण के दायरे में लाकर उनसे वैट की वसूली कर सरकारी राजस्व का बढ़ाया जा सके।
वहीं, इस पर वाणिज्य कर विभाग ने जिले भर के कारोबारियों के अलावा कार्यदायी संस्थाओं व ठेके पर कार्य कराने वाले विभागों को नोटिस जारी उनसे जवाब मांगा है।
कौन वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत है कौन नहीं, इसका सत्यापन किया जाएगा। विभाग कारोबार करने वाले लोगों को पंजीयन कराने के लिए प्रेरित करेगा। वहीं पांच लाख से अधिक आमदनी करने वाले कारोबारियों को पंजीयन न लेने पर जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
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इन्हें भी कराना होगा रजिस्ट्रेशन
* होटल, * रेस्टोरेंट, * डीलर्स, * मिलर्स, * ठेकेदार, * कार्यदायी संस्थाएं , * सरकारी विभाग।
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इन विभागों से भी मांगी गई जानकारी
* सिंचाई विभाग, * आपूर्ति विभाग, * पावर र्कॉपोरेशन, * आरईएस, * विकास भवन, * वन विभाग, * श्रमविभाग, * नगर पालिका।
शासन ने सर्कुलर जारी कर निर्देश दिया है कि राजस्व को बढ़ाने के लिए किसी भी तरह के कारोबार करने वाले कारोबारियों व कार्य करने वाली संस्थाओं को कर निर्धारण के दायरे में लाने के लिए उनका पंजीयन करने का कहा है। शत-प्रतिशत पंजीयन कराने के लिए कारोबारियों व संस्थाओं को नोटिस जारी किया गया है। इसके लिए अभियान चलाया जाएगा। - राहुल मिश्रा, असिस्टेण्ट कमिश्नर वाणिज्य कर गोंडा