गोंडा। जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ने लगा है। 48 घंटे के भीतर डेंगू के चार नए मरीज मिले हैं। प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य टीमों को लगाया गया है। साथ ही संंपर्क में रहने वाले लोगों की सैंपलिंग करने को कहा गया है। जनवरी से अब तक जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 14 हो गई है।
पंडरी कृपाल के मलारी निवासी शिवम को तेज बुखार के साथ जोड़ो में दर्द की समस्या थी। गोंडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाकर उनकी डेंगू की जांच कराई गई। बुधवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे पहले मंगलवार को रघुराजनगर गौरिया निवासी ललिता की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उनका उपचार अयोध्या के मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। दो अन्य मरीजों की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 14 पहुंच गई है। मलेरिया विभाग की टीम ने मरीजों के गांव पर जाकर दवाओं का छिड़काव किया।
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से प्रभावित गांवों में संबंधित सीएचसी की टीम को निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी है। चिकित्सकों को मरीजों का फालोअप करने के साथ ही केस हिस्ट्री तैयार करने को कहा गया है।
घबराएं नहीं कराएं डेंगू का उपचार
- मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. रमेश पांडेय ने बताया कि डेंगू के प्रारंभिक लक्षण दिखते ही सरकारी अस्पताल जाकर डॉक्टरों की परामर्श लें। तेज बुखार, शरीर में चक्कते पड़ना, नांक, मुंह व मसूड़़ों से खून आना, जोड़ो में दर्द आदि लक्षण दिखने पर डॉक्टर के परामर्श पर जांच कराएं। डेंगू के हर मरीज को भर्ती करने की जरूरत नहीं होती। अस्पताल से दवा लेकर घर पर आराम करने से भी राहत मिल जाती। कुछ मरीजों का डेंगू निगेटिव रहने के बावजूद प्लेटलेट्स काउंट कम हो रहा है। उन्हें विशेष सावधानी बरतने का सुझाव दिया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग कर रहा निरोधात्मक कार्रवाई
- डेंगू की पुष्टि होने के बाद मरीज के घर पर निरोधात्मक कार्रवाई की जाती है। दवाओं का छिड़काव कर फॉगिंग कराई जाती है। गांव पंचायतें व नगर पालिका के जिम्मेदारों से नियमित छिड़काव व फॉगिंग कराने की अपील की जा रही है।
- डॉ. एसजेडए जैदी, जिला मलेरिया अधिकारी