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140 करोड़ के बकाया भुगतान के लिए किसानों ने किया आंदोलन

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गोंडा। बजाज चीनी मिल कुंदरखी पर गन्ना किसानों का 140 करोड़ बकाया है। एक परोई सत्र बीत गया और दूसरी पेराई शुरू हो गई है। इसके बावजूद किसानों को भुगतान नहीं दिया गया।
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यही नहीं दिसंबर में तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल ने कड़ा रुख अपनाया था तो मिल ने जनवरी के पहले सप्ताह में भुगतान का भरोसा दिया था। इसके बाद भी भुगतान न होने पर रविवार को किसानों ने अवध केसरी सेना के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। बाद में मिल अधिकारियों ने आंदोलन कर रहे किसानों को शीघ्र भुगतान का आश्वासन दिया।
बजाज चीनी मिल कुंदरखी पर गन्ना किसानों का पिछले और इस सत्र का करीब 140 करोड़ से ज्यादा बकाया है। रविवार को अवध केसरी सेना के साथ किसान बजाज शुगर मिल कुंदरखी का घेराव करने पहुंच गए। किसानों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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प्रभारी निरीक्षक मोतीगंज समेत छह थानों के इंस्पेक्टर मय फोर्स डटे रहे। सीओ मनकापुर रामभवन यादव भी मौके पर रहे। बजाज चीनी मिल कुंदरखी यूनिट की ओर से पिछले गन्ना पेराई सत्र का बकाया भुगतान अब तक न करने, गन्ना किसानों को पर्ची में आने वाली दिक्कतों को दूर करने की मांग प्रमुख थी।
15 दिन के अंदर किसानों का बकाया मूल्य का ब्याज सहित भुगतान करने की मांग को लेकर अवध केसरी सेना ने शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन किया। गोंडा से आने वाले वाहनों को मनकापुर जाने के लिए दर्जीकुआं से रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई। वहीं मनकापुर से गोंडा जाने वालो वाहनों को कहोबा पुलिस चौकी से डुमरियाडीह की ओर मोड़ दिया गया।
इसके अलावा कस्टुआ बघेलवा चौराहा, मोतीगंज पीपल चौराहे, पावर प्लांट के पास, आरएसएम इंटर कॉलेज मार्ग, काजीदेवर चौराहा समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिस प्वाइंट बनाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की व्यवस्था की गई थी। अवध केसरी सेना प्रमुख नीरज सिंह के नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष नील ठाकुर, राष्ट्रीय संयोजक संतोष सिंह, राघवेंद्र सिंह के साथ पदाधिकारी तथा किसान मोटर साइकिल से कुंदरखी चौराहे पर पहुंच गए।
कुछ किसान पगडंडियों के रास्ते मिल चौराहे पर पहुंच गए। किसानों के प्रदर्शन करने पर शुगर मिल के यूनिट हेड जीवी सिंह वार्ता के लिए पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। दोपहर डेढ़ बजे मिल प्रशासन किसानों के बीच दोबारा वार्ता हुई फिर भी कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। दरअसल मिल प्रबंधन 20 जनवरी तक भुगतान का आश्वासन पिछले वर्ष के भुगतान का बकाया देने की बात मौखिक कह रहा था। बाद में मिल प्रबंधन की ओर से किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया।
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