खोड़ारे। लोहारपुरवा महराजगंज ग्रंट दहलवा गांव में युवक की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा। परिजनों ने अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। परिजन आरोपियों का घर ढहाने और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे रहे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय विधायक ने भी समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन नहीं माने।
मृतक प्रमोद वर्मा के बड़े भाई सुभाष वर्मा के अनुसार प्रमोद महाराष्ट्र के पुणे में व्यापार करता था। गांव का राहुल यादव भी वहीं रहता था। आरोप है कि राहुल ने प्रमोद से दो लाख रुपये उधार लिए थे। कई बार मांगने के बावजूद रकम वापस नहीं की गई। 14 मई को रुपये देने के बहाने प्रमोद को गांव बुलाया गया, जहां राहुल और उसके परिजनों ने उसकी पिटाई कर दी।
परिजनों का आरोप है कि चार जून को जब प्रमोद बाजार से घर लौट रहा था, तब आरोपियों ने उसे रास्ते में रोककर दोबारा पीटा। इसके बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। गंभीर हालत में उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक आरोपियों के मकान पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। मामले की सूचना पर गौरा के भाजपा विधायक प्रभात वर्मा, क्षेत्राधिकारी उदित पालीवाल, खोड़ारे और छपिया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी लेकिन देर शाम तक परिजन अपनी मांग पर कायम रहे। थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर पर मुख्य आरोपी राहुल यादव, उसके भाई विजय यादव सहित परिवार के तीन अन्य सदस्यों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए मनाने का प्रयास जारी है।
मामले की हो रही जांच
थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण कार्डियोजेनिक शॉक बताया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।