फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम से तुलसी जन्मस्थली पर विश्वविद्यालय के स्थापना की मांग

विज्ञापन
विज्ञापन
परसपुर (गोंडा)। श्रीतुलसी जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष डॉ. स्वामी भगवदाचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। जिसमें श्रीरामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसी दास की जन्मभूमि राजापुर, सूकरखेत में उनके सम्मान में ‘तुलसी विश्वविद्यालय’ की स्थापना के साथ इस एतिहासिक स्थली को पर्यटन स्थली के रूप में विकसित करने की मांग की है। कहा कि श्री रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का जन्म अयोध्या के समीप जनपद गोंडा के सूकरखेत स्थित राजापुर में हुआ था।
विज्ञापन

राज्य सरकार की सहायता से इस स्थल पर तुलसी भवन एवं तुलसी ओपेन थिएटर का निर्माण कराया जा चुका है। इस स्थली पर अनेक ख्याति प्राप्त साधु-संत व मनीषी आ चुके हैं तथा यह निर्णय हो चुका है कि रामचरित मानस के अमर रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास का जन्म जनपद गोंडा के सूकरखेत स्थित सरयू नदी के किनारे राजापुर ही है। आज भी राजापुर में गोस्वामी तुलसीदास के पिता आत्माराम दुबे के नाम 45 बीघा आत्माराम टेपरा एक भूखंड राजस्व विभाग में दर्ज है। तुलसी ने दोहावली में जग बहराइच का उल्लेख किया है। तुलसी की भाषा अवधी हिंदी है।
गोस्वामी ने अपनी आत्मकथ्य के आलोक में ‘तुलसी तिहारे घर जायो है घर को’ कवितावली तथा ‘राजा मोरे राजाराम अवध शहर है’ विनय पत्रिका में उल्लेख किया है। मैं पुनि निज गुरु सन सुनी कथा सो सूकरखेत मानस में सूकरखेत गोंडा को दर्शाया गया है। तथा समीप में ही तुलसी के गुरु नरहरिदास का पसका में प्राचीन नरहरि आश्रम स्थित है। जहां तुलसी ने बचपन में अपने गुरु से कथा श्रवण किया था। गोस्वामी जी की रचनाओं को विश्व के अनेक विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जाता है। इसलिए विश्व विभूति गोस्वामी तुलसीदास जी के सम्मान में उनके जन्मस्थान पर एक विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए और इस स्थली को पर्यटन स्थली के रूप में विकसित किया जाय। जिससे भारतीय संस्कृति के सार ग्रंथ मानस का प्रचार-प्रसार भी होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें