गोंडा। देहात कोतवाली क्षेत्र के कोयली जंगल में विवाद की पंचायत कराकर लौट रहे सेना के पूर्व कमांडो, उनके चचेरे भाई व चाचा पर हुए जानलेवा हमले के पांच आरोपियों की 10 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। परिजनों ने देहात पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग की है।
सेना के पूर्व कमांडो आनंद कुमार यादव के पट्टीदार रामकुमार यादव निवासी लालापुरवा का गांव के कुछ लोगों से विवाद था। इसी की पंचायत कराने आनंद, अपने चचेरे भाई दशरथ लाल यादव व चाचा किशन लाल यादव के साथ 16 नवंबर को गए थे। लौटते समय उन पर हमला किया गया था। इसमें वह घायल हो गए थे। आनंद की पत्नी मंजू देवी ने सात आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मंजू देवी ने पुलिस पर अभियुक्तों की गिरफ्तारी न करने का आरोप लगाया है। कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि लापरवाही का आरोप गलत है, टीमें काम कर रही हैं। आरोपी भगवान शंकर उर्फ विक्की व अंकुर सिंह की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अन्य की तलाश की जा रही है। (संवाद)