गोंडा के राधाकुंड में सजी मां की भव्य प्रतिमा।
- फोटो : GONDA
गोंडा। शहर हो या जिला सब जगह जगह मां के दरबार सज गए हैं। हर कोई शक्ति की भक्ति में डूूबा हुआ है। गली मोहल्ले व चौक चौराहे ही नहीं बल्कि घरों मे भी पूजा-अर्चना के साथ देवी प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। शाम होते ही पूरा शहर देवी मां के जयकारों की गूज व विभिन्न झालरो की रोशनी से जगमग हो उठता है। दिन भर पूजन अर्चन के साथ शाम को महाआरती से शुरू हुए आराधना का सिलासिला शुरू हो जाता है जो पूरी रात जागरण व भजन संध्या के रूप में चलता रहता है। इसमें शामिल सैकड़ों श्रद्धालु रात भर भक्ति रस में गोते लगा रहे हैं। कहीं महिषासुर का मर्दन करते मां भगवती का चित्र तो कहीं मां काली का भयानक रूप सहित तमाम प्रकार की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं । रानी बाजार में पूजा का सबसे बड़ा पांडाल बनाया गया है जहां भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। इसी तरह पटेलनगर में राजमा की प्रतिमा तथा पीपल तिराहे पर सिंहो पर सवार मां की प्रतिमा स्थापित की गई है। इसके अलावा पीपल तिराहा, अंबेडकर चौराहे, आईटीआई तिराहे सहित विभिन्न स्थानों पर प्रतिमाएं लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
दुर्गाष्टमी पर मां के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए उमड़े श्रद्धालु
गोंडा। दुर्गाष्टमी पर देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। नगर के कालीभवानी, खैरा भवानी, मां बाराही देवी, पटमेश्वरी देवी सहित देवी मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर रहे। लोगों ने मां के दरबार में दर्शन करने के बाद पुरोहितों से पूजन कराया और फिर उन्हें दान देकर उनका आर्शीर्वाद लिया। शक्ति आराधना के महापर्व शारदीय नवरात्र में रविवार को दुर्गाष्टमी को लेकर मंदिरों में काफी भीड़ रही। भोर से ही उमड़े श्रद्धालुओं के जत्थे देर शाम तक मंदिरों में पहुंचते रहे। यहां श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई और फिर अपने परिवार व रिश्तेदारों के लिए मंगलकामनाएं की। पुरोहितों से पूजन कराने के बाद श्रद्धालुओं ने ब्राह्मणों को दान देकर उनका आर्शीर्वाद लिया। कालीभवानी मंदिर परिसर तो पूरा खचाखच भर गया। दोपहर तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इसी तरह खैरा भवानी मंदिर मां बाराही देवी व पटमेश्वरी देवी थान पर मेले जैसा माहौल रहा। यहां दिन भर पूजन अर्चन का सिलसिला चलता रहा।
कहीं-कहीं कन्या भोज तो कहीं पुरोहितों से कराया पूजन
गोंडा। कन्या पूजन अधिकतर लोग नवमी के दिन ही करते लेकिन कुछ श्रद्धालुओं ने अष्टमी को ही कन्या पूजन कर उनका आर्शीर्वाद लिया। रविवार को देवी मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरे रहे। जगह-जगह लोगों ने पुरोहितों श्रीमद्भागवत व देवीपुराण कथा सुनी, इसके बाद विधिवत पूजन कराया। इसके अलावा तमाम श्रद्धालुओं ने कन्याओं का पूजन भी किया।
बच्चों ने किया रामलीला का मंचन
गोंडा। दशहरा भले ही दो दिन बाद है लेकिन स्कूलों में दशहरे की धूम मची है। तमाम स्कूलों में रावण के पुतले बनाए गए और फिर बच्चों ने अपने साथियों के साथ राम,लक्ष्मण,सीता का रूप धारण कर रामलीला कवा मंचन यिा।