परसपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बेड पर मंगलवार की सुबह एक बुजुर्ग का शव मिला। माना जा रहा है कि वृद्ध की मौत ठंड लगने से हुई है, जबकि सीएचसी अधीक्षक डॉ. एससी द्विवेदी इससे साफ इन्कार कर रहे हैं।
उनका कहना है कि सुबह चौकीदार से वृद्ध की मौत की सूचना मिलने के बाद शव को पुलिस की सुपुर्दगी में पंचनामा भरने के बाद सौंप दिया गया है। अगर वृद्ध की मौत ठंड लगने से हुई है तो इसकी स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
एक तरफ जहां प्रदेश सरकार ने ठंड से होने वाली मौतों को लेकर सभी जिलों के जिलाधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी कर रखी है, वहीं मंगलवार की सुबह एक 62 वर्षीय अज्ञात वृद्ध का शव सीएचसी में एक बेड पर पड़ा पाया गया।
बुजुर्ग की मौत ठंड लगने से होने की आशंका जताई जा रही है। सुबह सात बजे जब सीएचसी की सफाई के लिए अस्पताल में तैनात चौकीदार कम स्वीपर दयाराम यहां पहुंचा तो उसे सीएचसी के बेड पर एक वृद्ध लेटा हुआ मिला।
दयाराम ने उसे जगाने का प्रयास किया। लेकिन जब वह नहीं जागा तो उसने इसकी सूचना सीएचसी अधीक्षक को दी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर वृद्ध को मृत घोषित कर करते हुए इसकी सूचना तत्काल परसपुर पुलिस को दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अब सवाल इस बात का है कि अगर रात में सीएचसी का स्टाफ ड्यूटी पर मौजूद था तो उसे वृद्ध के आने की जानकारी उस समय क्यों नहीं हुई, जब वह यहां आकर बेड पर लेटा।
उधर, सीएचसी अधीक्षक डॉ. एससी द्विवेदी की मानें तो मरने वाला 62 वर्षीय अज्ञात वृद्ध सीएचसी के आसपास घूमा करता था। सुबह चौकीदार से सूचना मिलने पर वह मौके पर आए, लेकिन उन्हें वृद्ध की मौत ठंड से होने का कोई प्रमाण नहीं मिला।
उनका कहना है कि सोमवार की रात साढ़े 11 बजे तक वह अस्पताल कर्मियों के साथ सीएचसी में मौजूद थे। इस समय तक जब अस्पताल में कोई मरीज नहीं आया, तो वह अपने घर चले गए।
सीएमओ गोंडा डॉ. अमर सिंह कुशवाहा ने कहा किअभी इसकी सूचना मिली है। रात में हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर सीएचसी के स्टाफ को नजर रखनी चाहिए थी।
अगर कोई आता है तो उसे कंबल देना चाहिए था, वह भी नहीं हुआ। इसलिए हो सकता है कि रात में ठंड लगने से ऐसा हुआ है, फिर भी वह मामले को दिखवा रहे हैं। सीएचसी के स्टाफ से लेकर वहां के अधीक्षक से इस बारे में लिखित जवाब मांगा गया है।