बेलसर (गोंडा)। बुधवार को कुत्ते के हमले में हिरन की मौत हो गई। जबकि, ग्रामीणों ने बताया कि बाघ के हमले से हिरन की मौत हुई है, और वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
थाना तरबगंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत डिडिसिया खुर्दनिवासी राजन शुक्ल ने बताया कि गांव के करीब गन्ने के खेत में हिरन के चीखने की आवाज आ रही थी। आवाज सुनकर गन्ने के खेत में गए तो एक बाघ हिरन को नोच रहा था। गांव के कई लोगों को बुलाकर ले गए। लोगों ने बाघ को खदेड़ा तब वह हिरन को छोड़कर भाग गया। बाघ के हमले में हिरन काफी घायल हो चुका था।
बचाने के लिए वन विभाग के लोगों को फोन किया गया, लेकिन विभागीय लोग मौके पर नहीं पहुंचे। राजन ने बताया कि 112 पर फोन करके पुलिस को बुलाया। पुलिस के फोन पर वन विभाग के कर्मी आए, लेकिन तब तक हिरन की मौत हो चुकी थी।
क्षेत्र के बालक राम, राजन, पप्पू, राजेश ने वन विभाग के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कहा कि वन कर्मियों के देर से पहुंचने के कारण हिरन की मौत हुई है।
क्षेत्रीय वन अधिकारी जेपी गुप्ता ने बताया कि बाघ की सूचना फर्जी है। कुत्ते व सियार के हमले में हिरन की मौत हुई है। सूचना पर तत्काल वन विभाग के कर्मचारियों को भेजा गया है। लापरवाही का आरोप निराधार है। (संवाद)