नवाबगंज। कटरा कुटी धाम में चल रहे हनुमान जयंती महोत्सव के चौथे दिन कथा व्यास मिथिला शरण ने कहा कि बेटियां लक्ष्मी का स्वरूप हैं और उनके जन्म से घर तथा कुल दोनों का भाग्य बदल जाता है। उन्होंने बताया कि राजा जनक का सौभाग्य माता सीता के जन्म से ही खुला था। व्यास ने कहा कि माता-पिता को पुत्र और पुत्री में भेदभाव नहीं करना चाहिए, क्योंकि दोनों ही ईश्वर का वरदान हैं। कथा के दौरान देवी सती के जन्म और पार्वती रूपांतरण का प्रसंग सुनाया गया। कार्यक्रम में स्वामी चिन्मयानंद महाराज, यज्ञाचार्य दयासागर, गुड्डू दूबे, गोपाल सिंह, राका शर्मा, डॉ. कुमार, डॉ. अरुण सिंह, विनोद कुमार दि उपस्थित रहे। (संवाद)
हमेशा करें मित्र का सम्मान
इटियाथोक। गणेशपुरी कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को कथावाचक मानस ने कहा कि संसार में सच्ची मित्रता का सर्वोत्तम उदाहरण भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता है। सुदामा निर्धन होते हुए भी अत्यंत धार्मिक और भगवान के भक्त थे। यह कथा हमें यह सीख देती है कि मित्र का स्थान सबसे बड़ा है। हमेशा उसका सम्मान करें। इस मार्मिक प्रसंग ने भक्तों को भावनाओं से भर दिया। इस मौके पर राजेश दूबे, शिवकुमार सोनी, अरुण सोनी, अजय पांडेय, विकास, ध्रुव गुप्ता, रामसुख आदि उपस्थित रहे। (संवाद)