उमरीबेगमगंज (गोंडा)। एटीएम में छेड़छाड़ कर रुपये निकालने वाला गिरोह पुलिस के हाथ लगा है। पुलिस ने अंतर्राज्यीय दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक कार, नौ एटीएम कार्ड सहित अन्य सामान बरामद किए गए हैं।
आईडीबीआई बैंक के ब्रांच हेड उदित कुमार ने नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि 12 जनवरी को उनकी शाखा में लगे एटीएम मशीन में धोखाधड़ी करके 15000 रुपये की चोरी की गई है। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने घटना को संज्ञान में लेकर शीघ्र ही खुलासा करने के निर्देश दिए।
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के पर्यवेक्षण में टीमें गठित की गईं। बुधवार को सूचना मिली कि साइबर ठगी करने वाले दो आरोपी उमरी बाजार में मौजूद हैं। पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम वाहिद निवासी वार्ड नंबर-13 अलीगंज जनपद एटा और फैजान खान निवासी ग्राम मेवाती नगला थाना ताजगंज जनपद आगरा बताया।
एएसपी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के आठ एटीएम कार्ड, दो मोबाइल फोन, एटीएम खोलने में प्रयुक्त सामग्री, एक कार व 2100 रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष संजीव कुमार वर्मा, मुख्य आरक्षी राजू सिंह, अरविंद, यशवंत यादव, रणधीर सिंह, अमित कुमार, आरक्षी अरविंद कुमार व हरिओम टंडन शामिल रहे।
इस तरह करते थे फ्रॉड
आरोपियों ने बताया कि एटीएम में कार्ड लगाकर ट्रांजैक्शन की पूरी कार्रवाई पूरा करते थे और जैसे ही पैसा एटीएम के ट्रे से बाहर आने वाला होता था वह पावर सप्लाई का तार निकाल देते थे। जिससे ट्रांजैक्शन फेल हो जाता था और पैसा ट्रे से बाहर निकल आता था। यदि पैसा बाहर आने में कोई समस्या होती थी तो उसे पेचकस और वायर से बाहर निकाल लेते थे।
इसके बाद बाहर निकल कर बैंक कस्टमर केयर को फोन कर ट्रांजैक्शन फेल की शिकायत दर्ज करा देते हैं। बैंकिंग नियमों के अनुसार, कुछ दिनों में धनराशि खाते में वापस आ जाती थी। इस तरीके से उन्होंने कई जिलों और कई राज्यों में ठगी की है।