गोंडा। पुलिस हिरासत में संविदा बिजलीकर्मी देवनरायन यादव उर्फ देवा की मौत के मामले में आरोपी व नवाबगंज के निलंबित इंस्पेक्टर तेज प्रताप सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। निलंबित इंस्पेक्टर की ओर से उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में दाखिल गिरफ्तारी पर स्थगन की याचिका पर सुनवाई टल गई है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम माझा राठ निवासी देवनारायण उर्फ देवा की संविदा बिजलीकर्मी था। बीते आठ सितंबर को जैतपुर माझा में झोलाछाप राजेश चौहान की हत्या के मामले में 14 सितंबर को उसे पूछताछ के लिए नवाबगंज थाने बुलाया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी।
देवा के पिता रामबचन यादव ने पुलिस की पिटाई से बेटे की मौत का आरोप लगाया था। उन्होंने तत्कालीन नवाबगंज इंस्पेक्टर तेज प्रताप सिंह व तीन अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद करते हुए अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। एसपी ने इंस्पेक्टर व एसओजी प्रभारी समेत 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था।
मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी इंस्पेक्टर ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सोमवार को उसकी याचिका पर सुनवाई होनी थी। अधिवक्ता डॉ. प्रमोद कुमार मौर्य व अनिल कुमार मौर्य ने बताया कि न्यायमूर्ति राजन राय व संजय पचौरी ने मामले में मजिस्ट्रेटी जांच पूरी होने तक याचिका पर सुनवाई टाल दी है।