गोंडा। मोतीगंज-झिलाही रेलवे स्टेशन के बीच पिकौरा गांव के पास 18 जुलाई को चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन के 19 डिब्बे पलट गए थे। हादसे में चार यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 35 यात्री घायल हो गए थे। बीते 15 दिन में कई स्तर पर इस ट्रेन हादसे की जांच हुई लेकिन रेलवे के उच्चाधिकारी किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सके। ऐसे में शुक्रवार को सीआरएस एक बार फिर जांच के लिए गोंडा आ रहे हैं।
गोंडा-मनकापुर रेलखंड पर मोतीगंज व झिलाही स्टेशन के बीच चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन के 19 डिब्बे पलट गए थे। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने सीआरएस जांच का आदेश दिया था। बीते 20 जुलाई को पूर्वोत्तर परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना ने अधिकारियों के साथ घटनास्थल की जांच-पड़ताल की थी। इसके बाद लखनऊ स्थित डीआरएम दफ्तर में नौ दिन तक करीब 115 अधिकारियों व कर्मचारियों से हादसे के संंबंध में पूछताछ की थी। रेलवे की छह सदस्यीय विभागीय समिति ने भी विभिन्न पहलुओं पर जांच की थी। जांच-पड़ताल के कई दिन बीतने के बाद भी जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट से सीआरएस संतुष्ट नहीं हुए हैं। शुक्रवार को वह दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे।
लखनऊ डिवीजन के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि सीआरएस दो अगस्त को एक बार फिर जांच के लिए घटनास्थल का जायजा लेंगे। वह कृषक एक्सप्रेस से भोर 03:00 बजे गोंडा रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। फिर वहां से विशेष ट्रेन से मनकापुर पहुंचकर पावर ट्राॅली के माध्यम से झिलाही व मोतीगंज के बीच निरीक्षण करेंगे।