घाघरा नदी एक बार उफनाने लगी है। नदी में 24 घंटे में एक फीट से अधिक पानी अचानक बढ़ गया। इससे परसावल गांव में करीब तीन सौ बीघा गन्ना लगी फसल समेत खेत नदी में कटान से समा गया। नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से लोगों में दहशत है। वहीं, बांध के कट एवं स्परों को मजबूत करने का काम लगभग ठप पड़ा है।
दो दिन पूर्व घाघरा नदी का पानी तेजी से घट रहा था। करीब एक फीट पानी घटने के साथ ही नदी ने ग्राम परसावल की ओर कटान तेज कर दी थी। मगर शनिवार शाम से एक बार फिर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। शुक्रवार को 104.276 सेंटीमीटर पर घाघरा का जलस्तर आ गया था।
मगर रविवार को नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और शाम तक 105.826 सेंटीमीटर तक पहुंच गया। करीब 20 सेंटीमीटर पानी और बढ़ा तो घाघरा खतरे के निशान को छू जाएगी। वहीं घाघरा की धारा को बाराबंकी जिले के ग्राम परसावल की ओर मोड़ने के लिए प्रशासन का हथकंडा लगभग सफल होता दिखाई दे रहा है।
घाघरा की धारा एल्गिन-चरसडी बांध के डेंजर जोन से ग्राम परसावल की ओर बढ़ रही है, जिससे बांध का खतरा टलता नजर आ रहा है। ग्राम परसावल की ओर बढ़ रही घाघरा का कहर खेतों में दिखाई देने लगा है। करीब तीन सौ बीघा गन्ने की फसल लगे खेत नदी की कटान की जद में आ गया।
ग्रामीण दृगपाल यादव, बंशीलाल, समोखन, शिव प्रताप आदि ने बताया कि लगातार खेत व खाली जमीन कटकर नदी में समाहित होती जा रही है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है तथा वे पलायन कर गोंडा जिले की ओर बने बांध व गांवों में शरण ले रहे हैं।
शनिवार की देर शाम मुख्य राजस्व अधिकारी अरुण कुमार शुक्ला व एसडीएम करनैलगंज अनिल कुमार मिश्रा ने बांध का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि कट वन के पास नदी में उठे मशीना से कटान होने की सूचना मिली थी। जिस पर मध्य रात्रि तक बालू की बोरियों को डाल कर काबू पा लिया गया तथा घाघरा नदी गोंडा जिले की ओर कटान करने के बजाय मिट्टी व बालू फेंक रही ह, जिससे बांध को कोई खतरा नहीं है।
ग्राम परसावल में कटान की सूचना मिली है जो बाराबंकी जिले में है, वहां के अधिकारियों को सूचना मिल चुुकी थी। निरीक्षण की रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। वहीं, सिंचाई विभाग के एई अशोक कुमार बताते है कि घाघरा में पानी तेजी से बढ़ा है। मगर बांध को किसी भी तरफ से कोई खतरा नहीं है। लगातार बांध पर कैंप किया जा रहा है तथा नजर रखी जा रही है। पानी और बढ़ने की संभावना है।