बेगार करने से मना कर मजदूरी मांगने की एक गरीब महिला को बतौर सजा चोरी का इल्जाम लगा खंभे से बांधकर पीटा गया और गर्म सलाख से बदन को दाग दिया गया। यह अमानवीय कृत्य बीती 11 अप्रैल को थाना नवाबगंज क्षेत्र के रामापुर भगाही गांव के मजरे पूरे बलुआ में अंजाम दिया गया। हैरत की बात यह है कि पुलिस ने भी मामले में संवेदनहीनता दिखाते हुए केस को सिर्फ एनसीआर में दर्ज कर महिला को भगा दिया।
थाना नवाबगंज क्षेत्र के रामापुर भगाही गांव के मजरे पूरे बलुआ के रहने वाले रामसागर ने बताया कि ढाई बीघा खेत से गुजारा नहीं हो पाता इसलिए मजदूरी करते हैं। रामसागर ने बताया कि उसकी पत्नी रानी देवी पिछले 15 साल से गांव के वीरेन्द्र प्रताप सिंह के यहां मजदूरी कर रही थी।
रामसागर का आरोप है कि वीरेन्द्र ने उसकी पत्नी को दो सौ रुपए रोज के हिसाब से मजदूरी देने का वादा किया था। मगर रानी जब भी वीरेन्द्र से मजदूरी मांगती थी तो उसे टाल देते थे। 11 अप्रैल 16 की सुबह भी उसकी पत्नी मजदूरी करने वीरेन्द्र के घर पहुंची और मजदूरी के बकाया रुपए मांगे तो उनके परिवार के लोगों ने रानी देवी पर सोने की चेन चोरी का आरोप लगाकर उसे पीटना शुरू कर दिया।
उसने चोरी नहीं की यह कहकर वह चीखती रही। मगर किसी ने उसकी नहीं सुनी और उसे घर के बरामदे में खंभे से बांध दिया गया। राम सागर का आरोप है कि उसकी पत्नी को वीरेन्द्र और उसके परिवार के लोगों ने लोहे की सलाख गर्म करके शरीर के कई अंगों को दाग दिया। जिससे शरीर पर चोटें आई हैं।
इस मामले में राम सागर ने थाना नवाबगंज में वीरेन्द्र प्रताप सिंह के खिलाफ तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने एनसीआर दर्ज की है। रामसागर गुरुवार को अधिकारियों से मिलने मुख्यालय आया। मगर यहां उसकी पीड़ा सुनने के लिए कोई अधिकारी नहंी मिला।
महिला चुनावी रंजिश में गांव के एक व्यक्ति के कहने पर गलत आरोप लगा रही है। उसे सलाखों से किसी ने नहीं दागा है। महिला की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ एनसीआर दर्ज की गई है।’
बृजेन्द्र सिंह, थानाध्यक्ष नवाबगंज
ऐसी कोई शिकायत मुझे नहीं मिली है और न ही पीड़ित महिला मुझसे मिली है। महिला का मामला गंभीर है। वह मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।’
विज आनंद, सीओ तरबगंज