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युवक की हत्या

Sun, 06 Mar 2016 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गोंडा
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युवक की हत्या - फोटो : अमर उजाला
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धानेपुर थाना क्षेत्र के त्रिभुवननगर गांव में बारात गए जयराम की हत्या के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जयराम की मौत ने न सिर्फ  बूढ़े मां-बाप का सहारा छीन लिया। बल्कि एक छह दिन के नवजात समेत उसके तीन बच्चे भी अनाथ हो गए।
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जयराम ने प्रदेश में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद बड़े ही अरमान के साथ अपने बेटे का नाम अखिलेश रखा था, लेकिन इसी सरकार के एक विधायक के भाई ने जयराम की हत्या कर तीन वर्षीय अखिलेश के सिर से उसके पिता का साया छीन लिया है।

उधर, जयराम की हत्या से गुस्साए रानीपुरवा गांव के लोगों ने रविवार को शहर के मंडे नाला पुल पर जाम लगा दिया और नारेबाजी कर हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
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नगर कोतवाली क्षेत्र के रानीपुरवा गांव निवासी जयराम यादव (40) शहर के भारत पेट्रोलियम के तेल डिपो पर माली का काम करता था। शनिवार को गांव के ही विनय यादव की शादी में शामिल होने के लिए वह धानेपुर थाना क्षेत्र के त्रिभुवन नगर ग्रंट गांव के मजरा करियापुरवा में बारात में गया था।

रात करीब एक बजे वह गांव के अन्य लोगों के साथ किराये की बोलेरो से घर लौट रहा था। तभी रास्ते मे छोटकाईडीह गांव के पास उसके वाहन को बलरामपुर सदर से सपा विधायक जगराम पासवान के भाई अन्नू पासवान की डिजायर कार ने सामने से टक्कर मार दी।

विरोध करने पर विधायक के भाई ने रिवॉल्वर से जयराम की गोली मारकर हत्या कर दी। हादसे की सूचना जब जयराम के गांव पहुंची तो चीखपुकार मच गयी। जयराम के 70 वर्षीय पिता सीताराम यादव ने बताया कि बेटे की मौत ने उनसे उनके बुढ़ापे की लाठी छीन ली है।

भाई विजय कुमार ने बताया कि जयराम की तीन संतानें हैं। पांच साल की बेटी मुस्कान व तीन साल के बेटे अखिलेश यादव के अलावा अभी सात दिन पहले ही एक बेटे ने जन्म लिया है।

बेटे के जन्म के उल्लास में लोग घर में उत्सव मनाने की तैयारियां कर रहे थे, लेकिन हत्यारों ने उनकी खुशियों पर ग्रहण लगा दिया है। जयराम की मौत के बाद उसकी पत्नी सावित्री बेहोश है। अब उसके बच्चों की परवरिश कौन करेगा, यही चिंता उसे खाये जा रही है।

उधर, जयराम की हत्या के विरोध में रविवार को रानीपुरवा गांव के ग्रामीणों ने शहर के मंडे नाला पुल पर जाम लगा दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने सदर विधायक के खिलाफ  मुर्दाबाद के नारे लगाए। ग्रामीण आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

अधिकारियों ने किसी तरह ग्रामीणों को समझा कर शांत कराया। करीब एक घंटे के बाद अधिकारियों के हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।
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