बेशर्मी भरे सवालों पर जज के खिलाफ मुकदमा
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने तेजाब फेंकने के आरोपी को 10 वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही न्यायाधीश ने आरोपी को एक लाख रुपये अर्थदंड अदा करने का आदेश दिया है।
नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित मोहल्ला खलवा निवासी खालिद रजा ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था कि उसके चचेरे भाई इनायत अली ने तेजाब से उसकी बहन नगमा व पत्नी आसमीन पर छह मई 2014 को हमला कर दिया।
तेजाब फेंके जाने से नगमा का चेहरा झुलस गया, जबकि आसमीन को मामूली चोर्टें आइं। पुलिस ने इनायत अली के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। पीड़िता नगमा ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि इनायत अली उससे शादी करना चाहता था। पीड़िता ने शादी से मना कर दिया तो इनायत अली ने गुस्सा होकर नगमा पर तेजाब फेंक दिया।
पुलिस ने इनायत अली के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता रवींद्र यादव ने छह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। बहस के दौरान सरकारी अधिवक्ता रवींद्र यादव ने इसे क्रूरतापूर्ण घटना बताते हुए न्यायालय से उम्रकैद की सजा देने की मांग की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने मामले को फर्जी व रंजिशन बताते हुए दोषमुक्त करने की अपील की।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सुनील कुमार ने इनायत अली को एसिड अटैक का दोषी मानते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास व एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। न्यायाधीश ने अर्थदंड की पूरी रकम पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया है।