पूर्व माध्यमिक विद्यालय शुक्लपुर के सहायक अध्यापक ने फर्जी मुकदमे में फंसाए जाने से आहत होकर शुक्रवार की सुबह बभनान रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। शिक्षक की पैंट की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शिक्षक के परिवारीजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर शोषण का आरोप लगाया है। इस मामले में परिवारीजनों ने अभी तक पुलिस को तहरीर नहीं दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
खोड़ारे थाना क्षेत्र के बौहान गांव निवासी संतराम यादव का बेटा ओमप्रकाश यादव (45) छपिया विकासखंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय शुक्लपुर में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात था। वह शुक्रवार को सुबह परिवारीजनों को अदालत जाने के लिए बताकर घर से निकला था।
इसके बाद वह बभनान रेलवे स्टेशन पहुंचा। इसी बीच अप ट्रैक से गुजर रही ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस ट्रेन के आगे वह कूद गया, जिससे उसकी ट्रैक पर कटकर मौत हो गई। शिक्षक ओमप्रकाश की पैंट की जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने फर्जी मुकदमे में फंसाए जाने के चलते आत्महत्या करने की बात लिखी है। फिलहाल जीआरपी ने सुसाइड नोट को सील कर दिया है।
शिक्षक ओमप्रकाश यादव की पत्नी चंद्रावती व भाई हरिराम यादव ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय शुक्लपुर प्रबंधन पर शोषण का आरोप लगाते हुए बताया कि प्रधानाध्यापिका शारदा देवी ने बीती 19 नवंबर को ओमप्रकाश पर अभिलेख फाड़ने व धमकी देने का आरोप लगाते हुए 24 नवंबर को थाना खोड़ारे में मारपीट, धमकी व एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसी मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने ओमप्रकाश को सस्पेंड कर दिया था। तभी से ओमप्रकाश डिप्रेशन में थे। मगर बीएसए ने ओमप्रकाश को 31 मार्च को बहाल कर दिया था।
इस मामले में थानाध्यक्ष खोड़ारे रमाशंकर यादव ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। वहीं, प्रधानाध्यापिका शारदा देवी का कहना है कि शिक्षक ओमप्रकाश ने सरकारी अभिलेख फाड़ दिए थे और मुझसे मारपीट की थी, इसलिए ओमप्रकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शोषण करने का आरोपी पूरी तरह निराधार है।