उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने अपनी बहन की शादी पूरेथान गांव के रहने वाले एक बेरोजगार युवक से तय की थी। शादी तय होने के बाद युवती की गोदभराई व वर-इच्छा की रस्म भी पूरी हो गई। इसी बीच युवक को नौकरी मिल गई तो वह और उसके परिवारीजन दहेज में युवती के भाई से दस लाख रुपये की मांग करने लगे। जब उसने रुपये देने से इन्कार किया तो शादी तोड़ दी।
इस मामले में मंगलवार को युवती के भाई ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। एसपी ने मामले की जांच थानाध्यक्ष कटरा बाजार को सौंपी है।
उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने की गई शिकायत में बताया कि उसने अपनी बहन की शादी थाना कटरा बाजार क्षेत्र के पूरेथान गांव के रहने वाले उदयभान सिंह के साथ तय की थी।
23 नवंबर को तिलक व 4 दिसंबर को शादी होनी थी। शादी तय होने के बाद 22 मार्च को उमरी बेगमगंज क्षेत्र के उत्तरी भवानी मंदिर में गोदभराई की रस्म की गई।
इसके बाद 22 मई को वर-इच्छा की रस्म हुई, जिसमें दो लाख रुपये खर्च हुए थे। पीड़ित के मुताबिक 13 नवंबर को युवक के पिता ने फोन करने उसे अपने घर बुलाया।
जब वह अपने पिता व दो संभ्रांत व्यक्तियों के साथ उनके घर पहुंचा तो युवक, उसके पिता, माता, बहन व बहनोई सभी एकत्र थे।
युवक के पिता ने कहा कि उनके बेटे की नौकरी कृषि विभाग में तकनीकी सहायक के पद पर लग गई है, इसलिए शादी में तय दहेज के अलावा दस लाख रुपये और देने पड़ेंगे।
जब उसने मजबूरी बताते हुए इतनी बड़ी रकम देने से इन्कार किया तो शादी तोड़ दी। पीड़ित ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
एसपी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि थानाध्यक्ष कटरा बाजार को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।