नवाबगंज के समग्र ग्राम चौखडिय़ा में वित्तीय वर्ष 2014-15 में आवंटित किए गए 195 लोहिया आवासों के निर्माण में घपले का मामला सामने आया है। यहां ग्राम प्रधान और सचिव ने निर्माण के लिए सामग्री दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से पासबुक लेकर फर्जीवाड़ा कर करीब दो करोड़ रुपये निकाल लिए। इससे करीब 70 आवास अधूरे रहे गए।
शिकायत मिलने पर जब परियोजना निदेशक ने इस मामले की जांच कराई गई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। जांच करने वाली टीम ने ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। नवाबगंज के समग्र ग्राम चौखडिय़ा में वित्तीय वर्ष 2014-15 में अनुसचित जाति के 43 व अन्य जातियों के 152 लाभार्थियों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोहिया आवास का आवंटन किया गया था।
आवास निर्माण के लिए लाभार्थियों के बैंक खाते में दो किस्तों में 5.36 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी गई थी। चौखडिय़ा गांव के रहने वाले उमाशंकर, रती देवी, अनीता, कौशिल्या व मैना का आरोप है कि आवास की धनराशि खाते में आने के बाद ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव व रोजगार सेवक ने उनके बैंक की पासबुक ले ली और उन्हें धोखे में रखकर बैंक के खाते से आवास की राशि निकाल ली।
जब इन लाभार्थियों को धनराशि नहीं मिली तो सभी लोगों ने परियोजना निदेशक से मिलकर इस मामले की जांच कराने की मांग की थी। परियोजना निदेशक ने इस मामले की जांच संयुक्त खंड विकास अधिकारी केशवचंद व बीडीओ हर्षवर्धन की दो सदस्यीय टीम को सौंपी थी। इस गोलमाल की जांच करने के लिए जब टीम चौखडिय़ा गांव पहुंची तो पता चला कि राशि के अभाव में करीब 70 लोहिया आवास अधूरे पड़े हुए हैं।
जांच के दौरान मजरा लालापुरवा की रहने वाले रेखा, विमला, अनीता व संगीता ने बताया कि धनराशि उनके खाते में आई थी लेकिन ग्राम प्रधान ने उन्हें निर्माण सामग्री दिलाने के नाम पर पूरी रकम ले ली। इसके बाद न उन्हे सामग्री ही मिली और न ही पैसा वापस किया। जांच टीम के मुताबिक आवास निर्माण में करीब 2 करोड़ रुपये के घपले का मामला सामने आया है। जांच टीम ने इसके लिए ग्राम प्रधान को पूरी तरह से दोषी ठहराया है और प्रधान व लाभार्थी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
चौखडिय़ा गांव में अफसरों ने रेवड़ी की तरह से लोहिया आवास का आवंटन किया। इसमें करीब 15 ऐसे अपात्रों को लोहिया आवास आवंटित कर दिए गए जिनके पास पहले से पक्का मकान मौजूद है। इन अपात्रों के खाते में अफसरों ने मिलीभगत करके 41 लाख रुपये की धनराशि भेज दी। इस खुलासे के बाद अब इन अपात्रों से धनराशि वसूलने की तैयारी है।
बीडीओ की रिपोर्ट के मुताबिक मुद्रिका, अमीना, प्रमिला, सुशीला, कमलेश, कंचन, रामावती, रंजना, रुपवती, सियाराम, बाल किशुन, बेचू, श्रीपाल, रघुराज देवी व रीता को लोहिया आवास के लिए अपात्र ठहराया गया है। जांच टीम ने इन अपात्रों से धनराशि की वसूली की सिफरिश की है।
गोंडा। आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त भेजे जाने के बाद लाभार्थी को दीवार स्तर तक का काम पूर कराना होता है। इसके बाद ग्राम पंचायत सचिव आवास की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर लाभार्थी को दूसरी किस्त दिलाये जाने की संस्तुति करता है लेकिन चौखडिय़ा में इसका ध्यान नहीं रख गया और ग्राम प्रधान से मिलीभगत कर बिना सत्यापन रिपोर्ट के ही दूसरी किस्त 2.63 करोड़ लाभार्थियों के खातों में भेज दी गई जिसे ग्राम प्रधान व अन्य लोगों ने मिलकर बंदरबाट कर लिया।