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खेल-खेल में पलटा थ्रेसर, भाई-बहन की मौत

Wed, 27 Apr 2016 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
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पलटा पड़ा थ्रेसर - फोटो : अमर उजाला
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बालपुर जाट गांव में मंगलवार की रात दावत खाने के बाद गांव के बाहर खडे़ थ्रेसर पर चढ़कर खेलना दो बच्चों के लिए जानलेवा बन गया। खेलते समय अचानक थ्रेसर पलटने से सगे भाई बहन थ्रेसर के नीचे दब गए। इससे भाई की मौके पर ही मौत को गई, जबकि बहन ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। दो बच्चों की मौत से पूरे गांव में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पर गांव पहुंची देहात कोतवाली पुलिस ने मासूमों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है।
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देहात कोतवाली क्षेत्र के बालपुर जाट गांव में मंगलवार को गांव के ही सुंदर सिंह की बेटी की शादी थी। शादी समारोह में गांव के लोगों को भी दावत दी गई थी। गांव की ही रहने वाली सपना देवी के मुताबिक रात करीब 8 बजे उसकी बेटी कोमल (11) अपने छोटे भाई हरिओम (10) के साथ शादी में दावत खाने गई थी। खाने के बाद दोनों भाई-बहन गांव के बाहर रुकी बारात को देखने चले गए और वहीं पर खडे़ सुंदर सिंह के थ्रेसर पर चढ़कर खेलने लगे।

गांव के लोगों के अनुसार थ्रेसर का एक हिस्सा टूटा हुआ था और उसे ईंट के सहारे खड़ा किया गया था। दोनाें बच्चों के थ्रेसर पर चढ़ने से थ्रेसर का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। थ्रेसर पलटने से दोनाें भाई-बहन उसके नीचे दब गए। मौके पर मौजूद गांव के लोगाें ने बारातियों की मदद से दोनों को बाहर निकाला। मगर तब तक हरिओम की मौत हो चुकी थी। कोमल ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
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दोनों बच्चों की मौत से पूरे गांव में कोहराम मच गया, शादी की खुशियों में खलल पड़ गया। हादसे की सूचना पर पहुंची देहात कोतवाली पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाली देहात के  प्रभारी देवेंद्र पांडेय ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में अभी तक किसी ने तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलते ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। 

सपना का टूट गया सपना
बालपुर जाट गांव के रहने वाले स्वर्गीय मस्तराम की पत्नी सपना देवी अपने मासूम बच्चों की मौत से बदहवास हो गई है। पति की मौत के बाद सपना जैसे-तैसे बेटी कोमल व बेटे हरिओम का पालन पोषण कर रही थी। इन्हीं बच्चों के सहारे अपने अधूरे सपने को पूरा करने के लिए वह मेहनत कर रही थी, लेकिन नियति ने सपना के इस सपने को एक पल में चकनाचूर कर दिया है। अपनी आंखों के तारों को खोने के बाद सपना देवी के जीवन में चारों तरफ अंधेरा छा गया है। 
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