वित्तीय वर्ष 2016-17 विकासखंड कटरा बाजार के तीन गांवों में सीसी सड़क व इंटरलॉकिंग का कार्य कराने के नाम पर 44 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता मे गठित की गई तीन सदस्यीय समिति की जांच में इसका खुलासा हुआ है।
इस मामले में परियोजना निदेशक व जेई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। वित्त्ीय वर्ष 2016-17 में कटरा बाजार के चयपुरवा, बनगांव व वीरपुर कटरा में क्षेत्र पंचायत निधि से सीसी सड़क के निर्माण का प्रस्ताव किया गया था।
इसमें चयपुरवा में तीन, वीरपुर कटरा में दो व बनगांव में एक सड़क पर इंटरलॉकिंग का काम कराया जाना था। इसमें बनगांव मेें इंटरलाकिंग का कार्य तक कराया गया लेकिन उसमें मानकों का ध्यान नही रखा गया। इंटरलॉकिंग के नीचे पड़ने वाली गिट्टी को अफसरों ने गायब कर दिया।
इसके अलावा एक ही काम को 9 भागों में तोड़कर उनका अलग अलग भुगतान ले लिया गया। साथ ही क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत के कार्यों को एक ही में मिला दिया गया। वीरपुर कटरा मे दो सीसी सड़कों का निर्माण दिखाया गया लेकिन जांच के दौरान दोनों ही सड़कें अधूरी पाई गई।
चयपुरवा गांव में तो अफसरों ने बिना सड़क बनवाए ही उसके निर्माण की रिपोर्ट जिले पर भेज दी और रुपये हड़प लिए। यहां तीन सड़कों के निर्माण कार्य दिखाया गया था लेकिन जांच में तीनों ही सड़के गायब मिली। यहां इन सड़कों का निर्माण ही नही कराया गया।
शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने इसकी जांच के लिए तीन सदस्यों वाली दो जांच कमेटी का गठन किया था। पहली समिति में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष कुमार, जिला विकास अधिकारी अनिल कुमार व उपजिलाधिकारी अमरेश कुमार को शामिल किया गया था जबकि दूसरी समिति में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष के साथ डीसी मनरेगा अशोक कुमार मौर्या व बीडीओ कटरा बाजार को सौंपी गई थी।
दोनो ही समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में 44 लाख रूपये के घपले का खुलासा किया है। इस मामले में समिति ने कटरा बाजार के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक वीरपाल व अवर अभियंता डीबी सिंह को नोटिस जारी जवाब तलब किया है।