उमरिया गांव में नाली विवाद को लेकर दो पक्षों में से एक पक्ष के घर पर धावा बोलकर अभद्रता कर सामान लूटने व धमकी देने के मामले में एसओ कटरा बाजार समेत 11 लोगों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
इस मामले में सात माह बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की थी। दो दिन पहले ही एसओ कटरा बाजार के खिलाफ दुष्कर्म पीड़िता को सुलह कराने व धमकाने का मामला दर्ज हुआ था।
कटरा बाजार थाना क्षेत्र के उमरिया गांव निवासी हरिनाथ सिंह ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 13 फरवरी 2015 को प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की फरियाद की थी।
इसमें कहा गया था कि जय प्रकाश सिंह, कमलेश सिंह पत्नी जय प्रकाश सिंह, राम बहादुर सिंह, मिथिलेश सिंह पत्नी राम बहादुर सिंह का गांव में ही नवासा है।
हरिनाथ के मुताबिक गांव में मनरेगा के बजट से नाली बन रही थी, जिसे मिथिलेश सिंह बनने से रोकते हुए नाली की पटाई कर देती थीं। इसकी सूचना थाने पर दी गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुलह करा दी, मगर इसके बाद भी आबादी की जमीन पर कब्जा करने की नियत से वे अपने साथियों संग मिलकर कटरा थाने की पुलिस से मिलीभगत कर 10 फरवरी 2015 को सुबह जय प्रकाश सिंह ने दोबारा नाली पटवानी शुरू कर दी।
हरिनाथ ने बताया कि इसकी सूचना पर थाना कटरा बाजार के उप निरीक्षक उमेश बाजपेई मौके पर पहुंचे। इस बीच उसके परिवारीजन नाली पटाई का विरोध कर रहे थे तो एसआई उमेश बाजपेयी ने परिवारीजनों अभद्रता की।
इसी दौरान उप निरीक्षक ने थानाध्यक्ष कटरा बाजार शशिकांत यादव को फोन कर मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ बुला लिया। एसओ के साथ थाना कटराबाजार के सिपाही कुंजबिहारी तिवारी, अरविंद कुमार व मुस्तफा भी वहां गए।
भारी संख्या में पुलिस बल देख उसके घर की महिलाओं ने दरवाजा बंद कर लिया। इस पर पुलिस वाले जबरन दरवाजा खोलवाकर घर में घुस गए। हरिनाथ सिंह का आरोप है कि पुलिस वाले घर में रखा कीमती सामान, जेवरात, कपड़े व नगदी उठा ले गए।
हरिनाथ सिंह ने बताया कि गांव के महेशर सिंह, राजेश सिंह भी विपक्षियों से मिलकर नाली का निर्माण रोकवाने में शामिल रहे। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष कटराबाजार को एसओ कटरा बाजार शशिकांत यादव, एसआई उमेश कुमार बाजपेई, कांस्टेबिल कुंजबिहारी तिवारी, अरविंद कुमार, मुस्तफा व उमरिया गांव के रहने वाले जय प्रकाश सिंह, कमलेश सिंह, रामबहादुर सिंह, मिथिलेश सिंह, महेशर सिंह व राजेश सिंह के खिलाफ मामले में रिपोर्ट दर्जकर स्वयं अथवा अन्य सक्षम पुलिस अधिकारी से विवेचना कराने का आदेश दिया है।