औषधि निरीक्षक गोंडा हेमन्त चौधरी के साथ बलरामपुर से आई प्रीती सिंह की संयुक्त टीम ने बुधवार को करनैलगंज में दवा दुकानों पर अचानक छापेमारी की। उनकी इस छापेमारी का पता जैसे ही करनैलगंज के दवा व्यापारियों को चला कि एक के बाद एक करनैलगंज के सारे मेडिकल स्टोरो की दुकानों के शटर गिरने शुरू हो गए।
इतने में औषधि निरीक्षक की टीम सीएचसी के बगल स्थित कब्रिस्तान तक पहुंच चुकी थी। जहां दवा की एक दुकान को देखने के बाद टीम के लोग जैसे ही दुकान में घुसे और दवा व्यापारी से दुकान का लाइसेंस मांगा तो दुकानदार बगलें झांकने लगा।
टीम के लोगों को यहां से दवा की दुकान का कोई लाइसेंस नहीं मिला। जिस पर टीम ने इसकी सूचना कोतवाली में दी। जहां से मौके पर पहुंची पुलिस के सामने टीम ने दुकान में रखी दवाओं को जब्त कर उसे कोतवाली में मंगा लिया।
औषधि निरीक्षक की मानें तो दवा दुकान पर हुई छापेमारी के दौरान दुकानदार दवा दुकान का लाइसेंस नहीं दिखा पाया। जिस पर दुकान से मिली दवाइयों को कब्जे में लेकर मिली दवाइयों की लागत और उनकी सूची तैयार करवाई जा रही है।
वहीं दूसरी ओर दवा दुकानदार विनय का कहना है कि उसने चार साल पहले वैष्णो मेडिकल स्टोर के नाम से दवा दुकान का लाइसेंस बनवाया था। जिसका औषधि निरीक्षक खंडन कर रहे हैं। उधर टीम की छापेमारी के चलते नगर की दवा दुकानें तब तक बंद रहीं, जबतक कि टीम के लोग यहां से वापस नहीं चले गए।