दहेज के लिए महिला की हत्या करने के आरोपी पति व सास को अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय आरपी सिंह ने दस-दस साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दहेज प्रताड़ना व दहेज प्रतिषेध अधिनियम में दो-दो साल के सश्रम कारावास व दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार सिंह के अनुसार बलरामपुर के सादुल्लानगर थाना क्षेत्र के मद्दोघाट की रहने वाली गौरी गुप्ता ने कोतवाली मनकापुर में दो अगस्त 2014 को रमेश गुप्ता पुत्र बब्लू उर्फ संतराम गुप्ता व विमला देवी पत्नी बब्लू उर्फ संतराम गुप्ता निवासी गुनौरा कोतवाली मनकापुर के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा गया कि उसने अपनी बेटी अंजली की शादी पांच साल पहले रमेश गुप्ता के साथ की थी। 18 माह बाद गौना किया था, जिसमें विदा होकर वह ससुराल गई।
उसके कुछ दिनों बाद से ही ससुराल वाले अंजली को दहेज के लिए मारते-पीटते रहे। दहेज न मिलने पर ससुराल वालों ने दो अगस्त 2014 को अंजली की हत्या कर दी।
सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता ने अदालत पर गवाहों के बयान कराए। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय ने गवाहों के बयान सुने व पत्रावली का अवलोकन कर आरोपी रमेश गुप्ता व विमला देवी पत्नी बब्लू उर्फ संतराम गुप्ता को दहेज हत्या के आरोप में दोष सिद्ध करते हुए दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है।
दहेज प्रताड़ना एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम के आरोप में दोनों को दो-दो साल के सश्रम कारावास व दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने की दशा में एक-एक माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।