फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

10 साल में 25 फीसदी बढ़ गया जनसंख्या का ग्राफ

Mon, 10 Jul 2017 10:17 PM IST
amar ujala
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

 देश के सामने बढ़ती जनसंख्या आज चिंता का विषय बन गई है। जैसै-जैसे जनसंख्या बढ़ रही है, लोगों के सामने रहने-खाने से लेकर तमाम तरह की दिक्कतें पैदा होने लगी हैं। बात अगर गोंडा जिले की ही करें तो यहां पिछले 10 साल में जनसंख्या का ग्राफ 25 फीसदी तक बढ़ा है।

जबकि बीते 40 साल में जनसंख्या वृद्धि वर्ष 1970 के मुकाबले ढाई गुने से भी ज्यादा का आंकड़ा पार चुकी है। बढ़ती जनसंख्या का ही यह आलम है कि लोगों के सामने जमीन-मकान से लेकर तमाम संकट खड़े हो गए हैं। ऐसे में जरूरत है तो परिवार नियोजन की। जिससे बढ़ती जनसंख्या पर अंकुश लगाया सके और लोग इसके प्रति जागरूक होकर इसमें अपनी सहभागिता दर्ज कर सकें। पेश है रिपोर्ट-
विज्ञापन


आज से 30 वर्ष पहले तक नगर का कुल क्षेत्रफल करीब 1267 हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 4260 हेक्टेयर हो गया है। लेकिन हालात यह हैं कि बढ़ी हुई इस भूमि के सापेक्ष जिले में न तो आवासों का निर्माण हो सका है, न ही सामुदायिक सुविधाओं का।

यहां तक कि परिवहन, अन्य खुले स्थानों में पार्कों, स्टेडियम जैसी तमाम सुविधाओं का भी काफी हद तक अभाव है। 30 वर्ष पहले जहां जनसंख्या घनत्व 56 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर हुआ करता था, आज वही जनसंख्या घनत्व बढ़ते-बढ़ते 180 के आसपास पहुंच गया है।  

स्त्री रोग विशेषज्ञ डा.अनीता मिश्रा का कहन है कि पहले का जमाना अब नहीं रह गया। आज सरकार ने इतनी आसान व्यवस्था बना दी है कि हर कोई नसबंदी, कॉपर-टी, तीन-तीन महीने के इंजेक्शन की मदद से अनचाहे गर्भ से छुटकारा पा सकता है।

सरकारी अस्पताल से लेकर ओरल कांस्ट्रासेप्टिव पिल (गोलियां) बाजार मे हर जगह उपलब्ध हैं। जिसका शादीशुदा लोगों को परिवार नियोजन के लिए उपयोग करना चाहिए। रही बात ग्रामीण क्षेत्र में होने वाले प्रसव और जच्चा-बच्चा की, तो प्रसूता महिला के परिवार वालों को चाहिए कि वह जच्चा के साथ उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का ख्याल रखें। क्योंकि अक्सर यह देखने में आता है कि ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की हालत जब क्रिटिकल हो जाती है, तब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। जिससे जच्चा-बच्चा दोनों के मरने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

वहीं प्रो. जीतेन्द्र सिंह जनसंख्या की बढ़ती रफ्तार बेहद चिंताजनक है। इसपर हर किसी को ध्यान देने की जरूरत है। सरकार इस दिशा में कई कार्यक्रम चला रही है। जिसका लोगों को उपयोग करते हुए अपने परिवार को सीमित रखना चाहिए।
विज्ञापन


क्योंकि परिवार नियोजन ही एकमात्र रास्ता है जिसकी मदद से हम इस समस्या से उबर कर अपने परिवार को सुखी व समृद्धशाली बना सकते हैं। क्योंकि जिस तरह से जनसंख्या बढ़ रही है, उससे आने वाले दिनों में लोगों के सामने अनेकों संकट खड़े हो सकते हैं। वह संकट सिर्फ बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा तक ही सीमित नहीं है। उससे तमाम चीजें प्रभावित हो सकती हैं।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें