जिले के अलग अलग स्थानों पर लगी में आग में सोमवार को एक बालिका और महिला जिंदा जल गईं। वहीं इन हादसों में 130 आशियाने भी राख हो गए हैं। साथ ही एक दर्जन मवेशियों की भी जलने से मौत हो गई। नवाबगंज थाना क्षेत्र के कोल्हमपुर गांव के मजरा कोरियनपुरवा में एक तीन साल की बच्ची जिंदा जल गई, जबकि मोतीगंज के बनकटी सूर्यबली सिंह के मजरा हवेलिया में एक 55 वर्षीय महिला भी जिंदा जलकर मर गई। इस गांव में करीब एक दर्जन मवेशी भी जलकर मर गए।
मोतीगंज थाना क्षेत्र के बनकटी सूर्यबली सिंह गांव के मजरे हवेलिया में रहने वाले लोगों के लिए सोमवार का दिन बेहद भयावह साबित हुआ। सुबह करीब 11 बजे इस गांव के रहने वाले हरीराम के घर के पश्चिम तरफ स्थित घूर मेें किसी ने चूल्हे की राख फेंक दी।
धीरे-धीरे इस राख से चिंगारी भड़क उठी और हरीराम के छप्पर के मड़हे तक जा पहुंची। छप्पर में आग पकड़ते ही तेज पछुआ हवाओं के कारण इस आग ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते आग की लपटों ने कई और घरों को चपेट में ले लिया।
इस भीषण अग्निकांड में हरीराम, जगदीश, संतोषी, रामबदल, गंगाराम, वारिस, सुभान, इसराइल, राजकुमार, डालू, शिवनंदन, भवानीफेर, श्यामलाल, मिठाईलाल, कृपाल, मुन्नालाल, बाबूरराम, हनुमान, झिनकन, फेरई समेत 40 लोगों के घर जलकर राख हो गए।
अपने मायके आई राम बदल की बहन शांती (55) पत्नी अमिरका घर से बाहर नहीं निकल पाई और वह इस भीषण आग में जिंदा जल गई। शांती का शव आग बुझने के बाद करीब 4 बजे जली हुई अवस्था में घर में मिला। इसके अलावा हरीराम व उनके भाइयों की 8 गायों की झुलसकर मौत हो गई। वहीं 4 बकरियों की भी झुलसकर मौत हो गई।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के कोल्हमपुर इमाम गांव के कोरियन पुरुवा में हुई। सोमवार की दोपहर कोल्हमपुर इमाम गांव के कोरियन पुरवा में दोपहर करीब एक बजेे मुनरव के घर से उठी चिंगारी ने आग का रूप ले लिया और देखते ही देखते पूरे मजरे में फैल गयी।
मजरे के करीब 50 घर व भुसैले को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अग्रितांडव में कृष्णकुमार की तीन साल की बेटी अन्नया उर्फ भुल्लन जल कर मर गयी। उसका शव करीब चार बजे मजरे के एक भुसैले में जला हुआ पाया गया।