सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पूरे ललक गांव में कोटे की दुकान चलाने वाले कोटेदार को रविवार देर शाम तीन लोगों ने पूरे ललक चौराहे के पास रोक लिया और 10 हजार रुपये रंगदारी मांगी। रंगदारी न देने पर कोटा छोड़ देने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों देर रात कोटेदार के घर पर हमला बोल दिया और फायरिंग की। पुलिस को मौके पर खोखा व कारतूस पड़ा मिला। इस मामले में कोटेदार ने कोतवाली देहात में तीन लोगों को नामजद करते हुए तीन अन्य के खिलाफ तहरीर दी है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के पूरे ललक गांव के रहने वाले कोटदार निरहू प्रसाद वर्मा ने बताया कि वह रविवार देर शाम अपने घर जा रहा था।
जब वह पूरे ललक चौराहे के समीप पहुंचा, तभी उसके गांव के रहने वाले दो लोगों ने पूरे खेमकरन गांव के धर्मी पुरवा निवासी एक साथी के साथ उसे जबरन रोक लिया और कोटा चलाने के लिए 10 हजार रुपये की रंगदारी मांगने लगे। रंगदारी न देने पर कोटा छोड़ देने व जान से मार देने की धमकी दी।
निरहू के मुताबिक देर रात तीनों ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ उसके घर पर हमला बोल दिया। निरहू ने बताया कि तीनों ने फायरिंग की और जान से मार देने की धमकी दी।
कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक शशिकांत यादव ने बताया कि घटना संदिग्ध है। कोटेदार के खिलाफ ग्रामीणों ने डीएसओ से शिकायत दर्ज कराई थी।
पूर्ति विभाग की टीम सोमवार को जांच करने गांव पहुंचने वाली थी, इसलिए जांच को प्रभावित करने के लिए फायरिंग की घटना कोटेदार की तरफ से की गई है।
पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है। उधर, डीएसओ विमल कुमार शुक्ल ने बताया कि पूरे ललक के कोटेदार की शिकायत ग्रामीणों ने की थी, जांच टीम को गांव जाना था। मगर राशन कार्ड की फीडिंग को लेकर व्यस्तता होने से जांच टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी।