बजाज चीनी मिल को गन्ना किसानों के एक अरब 38 करोड़ रुपये का भुगतान न करने के आरोप में जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किया गया है। मिल के अध्याशी को 30 हजार किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का तत्काल भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
गन्ना किसानों को बकाया मूल्य का शीघ्र भुगतान न करने पर प्रशासन ने एफआईआर की चेतावनी दी है। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने मंगलवार को बताया कि डीएम राम विशाल मिश्र ने 20 फरवरी को कैंप कार्यालय पर बजाज चीनी मिल इटईमैदा के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के संबंध में समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान जिला गन्ना अधिकारी ने डीएम से बताया कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा का 19 फरवरी को पेराई सत्र 2016-17 का समापन हो गया है। पेराई सत्र के दौरान बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने क्षेत्र के 30 हजार किसानों से एक अरब 64 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा है।
मिल प्रबंधन ने 8 दिसंबर 2016 तक खरीदे गए गन्ना मूल्य का मात्र 26 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया है। मिल को गन्ना बेचने वाले तमाम किसानों ने भुगतान के लिए डीएम को विभिन्न तिथियों में शिकायती पत्र दिया है।
किसानों की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने बजाज चीनी मिल इटईमैदा के अध्याशी अवधेश कुमार गुप्ता को नोटिस जारी किया है। किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का शीघ्र भुगतान न करने पर डीएम ने अध्याशी के खिलाफ एफआईआर की चेतावनी दी है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने करीब 21 करोड़ रुपये की 60 हजार बोरा चीनी की ब्रिकी की है। मिल प्रबंधन से तत्काल 21 करोड़ रुपये से बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने का निर्देश सहकारी गन्ना विकास समिति उतरौला को दिया गया है।