धानेपुर कस्बे में गुरुवार की सुबह गैस की रीफिलिंग करते समय तीन सिलेंडरों में विस्फोट होने से पूरा कस्बा दहल गया। सिलेंडर फटने से लगी आग के चलते रीफिल कर रहे किराना दुकानदार की दुकान में आग लग गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने लोगों की सहायता से आग पर काबू पाया। इस घटना में किराने की दुकान जल गई और दो मंजिला मकान की छत भी दरक गई। हादसे में दुकानदार की पत्नी व चार वर्षीय बेटी समेत पांच लोग झुलस गए। झुलसे लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दुकानदार व उसकी बेटी की हालत नाजुक बनी हुई हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
धानेपुर थाना क्षेत्र के कस्बा धानेपुर के चौक बाजार के रहने वाला प्रभुनाथ किराने की दुकान करता है। इसके साथ ही वह दुकान में छोटे गैस सिलेंडरों को बेचने के साथ उसे रीफिल भी काम करता है। गुरुवार को सुबह करीब आठ बजे वह बड़े गैस सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस की रीफिलिंग कर रहा था कि अचानक गैस लीक होने लगी।
प्रभुनाथ जब तक कुछ समझ पाता, तब तक सिलेंडर में विस्फोट हो गया। इस सिलेंडर के धमाके से उसकी दुकान में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने दुकान में रखे तीन और सिलेंडरों को चपेट में ले लिया और ताबड़तोड़ तीन धमाकाें से पूरा कस्बा दहल उठा। इससे पड़ोसी दुकानदारों में भगदड़ मच गई और लोग अपनी दुकानाें से निकलकर भागने लगे।
सिलेंडरों के विस्फोट के कारण कोई भी दुकान के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। मौके पर पहुंची धानेपुर थाने की पुलिस ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। करीब एक घंटे बाद पहुंचे फायर कर्मियों ने कुछ स्थानीय युवकों की मदद से आग बुझाने का काम शुरू किया।
पांच घंटे मशक्कत कर आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान किराने की दुकान में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया और इस दुकान की दो मंजिला इमारत की छत भी दरक गई। हादसे में प्रभुनाथ, उसकी पत्नी सुमन, 4 वर्षीया बेटी नैंसी, भाई शिवनाथ व दुकान पर काम करने वाला नसीब अली (10) झुलस गए।
पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी मुजेहना में भर्ती कराया, जहां से चिकित्सकों ने प्रभुनाथ व नैंसी को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। थानाध्यक्ष धानेपुर रामाश्रय राय ने बताया कि दुकानदार के परिवारीजन घर में खाना बनाते समय सिलेंडर बदलने के दौरान आग लगने की बात कह रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
धानेपुर चौक बाजार के किराना दुकानदार प्रभुनाथ के परिवारीजन भले ही गैस की रीफिलिंग की बात को नकार रहे हों, लेकिन आग बुझाने के दौरान दुकान में मिले 15 रसोई गैस के खाली सिलेंडरो व करीब एक दर्जन छोटे गैस सिलेंडरों ने उनके दावे पर सवालिया निशान लगा दिया है। इन सिलेंडरों को दुकान में गत्तों व बोरियों के बीच में छिपा कर रखा गया था।
गैस सिलेंडरों के साथ ही प्रभुनाथ की दुकान में करीब पांच सौ लीटर मिट्टी का तेल भी रखा हुआ था जिसे आग लगने के बाद दुकान के पिछले दरवाजे से बाहर निकाला गया। आग बुझा रहे युवकों ने बताया कि इस तेल को 15 बड़े गैलन में भरकर रखा गया था। यह तेल दुकान में किसलिए रखा गया था, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन अगर यह तेल भी आग के चपेट में आ जाता तो एक बड़ा हादसा हो सकता था।
धानेपुर बाजार का रहने वाला प्रभुनाथ किराने की दुकान में छोटे पेट्रोमैक्स गैस सिलेंडर भी बेचता है और इसी की आड़ में वह अवैध रूप से गैस रीफिलिंग का कारोबार करता है। प्रभुनाथ यह कारोबार करीब 15 वर्षों से कर रहा है। उसके उस अवैध कारोबार की जानकारी पुलिस को भी थी, लेकिन इसके बाद भी प्रभुनाथ के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई। गुरुवार कोे आग लगने की घटना के बाद भी पुलिस कार्रवाई करने के बजाय मामले को रफादफा करने में जुटी रही ।
धानेपुर के किराना दुकानदार प्रभुनाथ की दुकान मुस्लिम बाहुल्य वाले इलाके में है। दुकान से सटा हनुमानजी का मंदिर है और दुकान के ठीक पीछे नई मस्जिद व मदरसा है। आग लगने के बाद दुकान में रखे सिलेंडरों के धमाके के डर से जब पुलिस वाले भी अंदर जाने की हिम्मत नही जुटा पा रहे थे, उस वक्त दोनों समुदायों के दर्जन भर युवकों ने हिंदू-मुस्लिम की एकता की मिसाल कायम करते हुए आग बुझाने में मदद की। इन युवकों में हसीब अंसारी, शेखवत, अजीजुर्रहमान, हबीब, कलीम, राकेश गुप्ता आदि शामिल रहे।