विजली कर्मियों की लापरवाही ने श्ािनवार को एक तीन साल के मासूम की जान ले ली। बताया जाता है कि पांच दिन पहले आंधी के दौरान बिजली का तार ओरीपुरवा में टूटकर गिर पड़ा था। जिसकी शिकायत बच्चे के पिता व गांव के बाकी लोगों ने बिजलीघर पर करते हुए इसकी सूचना प्रभारी अवर अभियंता को भी दी थी।
लेकिन टूटकर गिरे तार को सड़क से नहीं हटवाया गया। जिस कारण ये हादसा हो गया। इस मामले में पिता की तहरीर पर पुलिस ने प्रभारी जेई सहित एक संविदाकर्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मामला खरगूपुर बिजलीघर अन्तर्गत आने वाले गांव ओरीपुरवा का है। बताया जाता है कि 6 दिन पहले सोमवार की रात आई तेज आंधी में गांव को जाने वाली बिजली की लाइन टूट गई थी। जिसकी शिकायत दूसरे दिन गांव के लोगों ने बिजलीघर पर की और इसकी जानकारी इलाकाई अवर अभियंता को भी दी।
लेकिन 5 दिन बीत जाने के बाद भी बिजलीघर से कोई स्टाफ न तो गांव के बाहर रास्ते पर टूटकर गिरे तारों को ठीक करने पहुंचा। न ही इसकी सप्लाई बिजलीघर से काटी गई। जिसका नतीजा रहा कि शनिवार की सुबह गांव में रहने वाले राम गोपाल गोस्वामी के तीन वर्षीय पुत्र बलवंत की खेलते समय अचानक बिजली के तार की चपेट में आ जाने से चिपककर मौत हो गई।
घटना के बाद रामगोपाल के परिवार में कोहराम मच गया। वहीं दर्जनों की संख्या में इकट्ठा हुए ग्रामीण रामगोपाल के साथ थाने जा पहुंचे। रामगोपाल का आरोप था कि जेई और संविदा कर्मियों की लापरवाही से उसके बच्चे की मौत हुई है।
जिसकी लिखित तहरीर रामगोपाल ने थाने पर दी। जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले में खरगूपुर बिजलीघर में तैनात प्रभारी जेई नीरज कुमार तिवारी के साथ ही संविदा कर्मी सुनील कुमार तिवारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक बृजेन्द्र पटेल के मुताबिक मामले की रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।