शादी के बाद संतान न होने पर ससुरालीजनों ने विवाहिता का पैर काटकर उसे रेलवे ट्रैक पर मरने के लिए लिटा दिया। राहगीरों के हस्तक्षेप पर ससुरालीजन विवाहिता को रेलवे ट्रैक पर छोड़कर फरार हो गए।
विवाहिता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने सास, ससुर व पति समेत अन्य ससुरालीजनों पर जानलेवा हमले का केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। विवाहिता को गंभीर हालत में इलाज के लिए गोंडा रेफर किया गया है।
छलिया सुखरामपुर निवासी सतीश चन्द्र मिश्र ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी पूनम मिश्रा (24) की शादी करीब पांच वर्ष पूर्व परसपुर कमदा निवासी आकाश से की थी। शादी के बाद संतान न होने पर ससुरालीजन पूनम को प्रताड़ित करने लगे।
शुक्रवार रात ससुरालीजनों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। ससुरालीजनों ने पूनम का हाथ पैर बांधकर वाहन से गनवरिया तुलसीपुर के निकट रेलवे ट्रैक पर ले आए। ससुरालियों ने पूनम का पैर काट दिया और उसे रेलवे लाइन पर लिटा दिया।
ससुरालीजनों की मंशा थी कि पूनम की ट्रेन से कटकर मौत हो जाए। पूनम जोर-जोर से चिल्लाने लगी और मदद की गुहार लगाने लगी। राहगीरों ने पूनम के चिल्लाने की आवाज सुनी तो मौके पर पहुंचे। राहगीरों को देखकर ससुरालीजन पूनम को वहीं छोड़कर भाग निकले। पूनम के कहने पर राहगीरों ने मामले की सूचना उनके पिता सतीश चंद्र को दी।
पूनम को इलाज के लिए सीएचसी तुलसीपुर में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डाक्टर ने पूनम को गोंडा रेफर कर दिया है। प्रभारी थानाध्यक्ष तुलसीपुर वीरेन्द्र यादव ने बताया कि पीड़िता के पिता की तहरीर पर पति आकाश, ससुर दिनेश कुमार, सास शांती देवी तथा कामता व महेश के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज किया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।