जिले में बाढ़ का कहर जारी है। बलरामपुर देहात थाना क्षेत्र के महादेव गांव में शुक्रवार रात बाढ़ के बीच घर में खाना बना रही महिला के ऊपर अचानक कच्ची दीवार गिर गई। दीवार के नीचे गिरकर घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।
राप्ती नदी अभी भी खतरे के निशान 104.620 मीटर से 49 सेमी ऊपर बह रही है। करीब 279 गांव अभी भी टापू बने है। घरों में पानी भरने के चलते लोग छतों पर शरण लिए हुए। कई दिनों से बंद बलरामपुर-तुलसीपुर नेशनल हाईवे पर शनिवार को आंशिक रुप से आवागमन बहाल हो गया है।
मिली जानकारी के अनुुुसार बलरामपुर देहात थाना क्षेत्र के महादेव गांव में शुक्रवार रात रामदीन की पत्नी मलकिन (55) घर में खाना बना रही थी। बारिश व बाढ़ के चलते रामदीन के घर की कच्ची दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। दीवार के नीचे दबकर मलकिन गंभीर रूप से घायल हो गई। मलकिन को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार सुबह मलकिन की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
बाढ़ के चलते चौकाकला, पिपरा, मन्नीपुर, टिकुइया, कटरा शंकरनगर, रेहार सोनार, लखमा, मंझारी, चंदापुर, पचौथा, भरवलिया, बिरदा बनियाभारी, बभनपुरवा, फत्तेजोत, बेनीनगर, खादर, भाथर, महरी, कठेर, रामपुर, केवटली, केतारपुर, तेनुआ, टिकुइया, सकरा पाठक, बरायल, उपरहुला, कोटिनिया आदि गांवों में शनिवार को बाढ़ में घिरे 110 लोगों को एनडीआरएफ विमल गुप्ता की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। बिरदा बनियाभारी चंदापुर व भरवलिया आदि गांवों में अभी भी लोग घरों की छतों पर शरण लिए हुए है। एनडीआरएफ की टीम ने कई गांवों में बीमार लोगों को भी इलाज मुहैया कराया है।
जिले में आई बाढ़ से एक ही गांव के 18 परिवार कच्चा मकान ढह जाने से बेघर हो गए है। सदर ब्लाक के पियरा निवासी राजेंद्र, नकनू, पुजारी, नानबाबू, गोपी, बुधराज, छग्गन, संचित, रोहित, कृष्णा, श्रवण, कृष्ण कुमार, राजमन व सकटू आदि ने बताया कि बाढ़ के चलते गांव के 18 परिवार का आशियाना ढह गया है।
यदि एक गांव की यह स्थिति है तो जिले के बाढ़ प्रभावित 300 गांवों में क्या हालात होंगे। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है। बाढ़ ने सैकड़ों कच्चे मकानों को ढहा कर लोगों को बेघर कर दिया है। बेघर हुए परिवारों ने शासन-प्रशासन से खाने-पीने के साथ-साथ सिर छुपाने के लिए मकान भी बनवाए जाने की मांग की है।इसके अलावा अन्य कई गांव में भी बाढ़ का पानी भरने से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
तुलसीपुर क्षेत्र में राहत सामग्री वितरित करने गए डीएम आरके मिश्र ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। सभी पीड़ितों को सरकारी सहायता मुहैया कराई जा रही है। मवेशियों को चारे का भी इंतजाम कराया जा रहा है। गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगवाकर संक्रामक रोगों की रोकथाम की जा रही है। नदी का जलस्तर कम होने से आगामी दो-तीन दिनों में स्थिति सामान्य होने की संभावना है।