रोजगार सेवक के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर मनरेगा के मजदूरों की मजदूरी हड़पने के मामले में पंडऱी कृपाल के तत्कालीन बीडीओ, वीडीओ और प्रधान समेत पांच लोग फंस गए हैें। रोजगार सेवक की शिकायत पर अदालत ने बीडीओ समेत सभी पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करने के आदेश मोतीगंज पुलिस को दिए हैें।
कोतवाली देहात क्षेत्र के परसा सोंहसा गंाव के रहने वाले अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि वह पंडरी कृपाल ब्लाक के परसा सोंहसा गांव में रोजगार सेवक के पद पर तैनात है। 30 मई 2016 को जिलाधिकारी के निर्देश पर उसे पंडरी कृपाल विकास खंड के ही ग्राम पंचायत बेलावा के रोजगार सेवक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
अनिल के मुताबिक कार्यभार मिलने के बाद जब वह बेलावा गांव में हो रहे मनरेगा के कार्य को देखने के लिए गया तो वहां पता चला कि ग्राम प्रधान रमेश मिश्रा तालाब की खोदाई करा रहे हैं।
जब उसने इसका विरोध किया तो ग्राम प्रधान ने पंडरी कृपाल ब्लाक के खंड विकास अधिकारी कर्ताराम यादव, ग्राम विकास अधिकारी उमेश श्रीवास्तव, मनरेगा के सहायक लेखाकार सुनील कुमार व तकनीकी सहायक अमरजीत उपाध्याय से मिली भगत कर मस्टररोल संख्या 991 से 996 पर उसका फर्जी हस्ताक्षर बना लिया और मजदूरी के 104748 रुपये निकालकर हड़प लिया।
रोजगार सेवक का आरोप है कि इसमें मनरेगा के मजदूरों का भी फर्जी हस्ताक्षर बनाया गया। इस अनियमितता की शिकायत उसने मनरेगा के उपायुक्त श्रम एवं रोजगार अशोक कुमार मौर्या से की लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।
अनिल का आरोप है कि शिकायत करने पर उसे पद से हटवाने व जान से मारने की धमकी दी जा रही है। रोजगार सेवक अनिल की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, तकनीकी सहायक व मनरेगा के सहायक लेखाकार के खिलाफ मोतीगंज पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। थानाध्यक्ष मोतीगंज परमानंद तिवारी ने बताया कि अभी आदेश की कापी नही मिली है। जैसे ही कापी मिलेगी रिपोर्ट दर्ज की जायेगी।