ग्राम भूमि विकास बैंक के लिपिक ने कर्जमाफी कराने के नाम पर कर्जदार किसान से 25 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित किसान संतराम ने सीएम समेत प्रमुख सचिव सहकारिता व बैंक के प्रबंध निदेशक से अपना पैसा दिलवाने व लिपिक पर कार्रवाई की मांग की है।
वजीरगंज ब्लॉक क्षेत्र के चंदापुर गांव निवासी किसान संतराम ने ग्राम भूमि विकास बैंक शाखा नवाबगंज से 50 हजार रुपये डेयरी कार्य के लिए कर्ज ले रखा था। किसान का कहना है कि उसका कर्ज माफ नहीं हुआ।
पता करने पर जानकारी हुई कि बैंक के बाबू लालजी कर्ज माफ करवाते हैं। उसने जब बैंक के बाबू लालजी से संपर्क किया तो बाबू ने संतराम से कर्ज माफ कराने के लिए 30 हजार रुपये मांगे। किसान ने 25 हजार रुपये लिपिक को दे दिए और बाकी के पैसे बाद में देेने की बात कही।
किसान का आरोप है कि लिपिक ने पैसे लेने के बाद न तो कर्ज माफ कराया और न ही पैसे वापस लौटाए। किसान का कहना है कि कोई सुनवाई नहीं हो रही है और वह बैंक के चक्कर लगा रहा है। पीड़ित संतराम ने सीएम व बैंक के आला अधिकारियों से पैसा वापस कराकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम भूमि विकास बैंक शाखा नवाबगंज में तैनात लिपिक लाल जी का कुछ माह पहले मनकापुर शाखा के लिए तबादला हो चुका होना बताया जा रहा है, लेकिन यह बाबू अभी भी अपने पूर्व स्थान पर ही जमा हुआ है।
इस बाबत सूत्रों का कहना है कि बाबू पर गबन का आरोप लग जाने के बाद बैंक अफसराें की ओर से उसके तबादले पर रोक लगा दी गई है। अफसर अब इस पर निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही ले सकेंगे।
शाखा प्रबंधक ग्राम विकास बैंक नवाबगंज सुशील सिंह ने कहा कि किसान ने बैंक के लिपिक लाल जी के खिलाफ बैंक के हेड क्वार्टर शिकायत की थी कि कर्ज माफी के लिए लिपिक ने पैसा लिया, लेकिन उसको न रसीद दी और न ही उसका कर्ज चुकता हुआ।
इस मामले की बैंक के हेडक्वार्टर स्तर से जांच की जा रही है। प्रबंध निदेशक की ओर से बैंक के लिपिक को तलब किया गया है। इस बाबत किसी तरह से कार्रवाई के लिए मुझे कोई निर्देश नहीं आया है। जांच रिपोर्ट के बाद जो निर्देश होंगे, उस आधार पर कार्रवाई होगी।