देवा कोतवाली क्षेत्र के कैमई गांव की वारदात मेें मृतका के पति की तहरीर पर पिता, चाचा व भाई के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने लड़की के चाचा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस गिरफ्त में आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने प्रीति का शव बरामद कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, कोतवाली देवा क्षेत्र के कैमई गांव निवासी प्रीति गौतम (21) की हत्या मंगलवार देर रात उसके पिता हरिलाल गौतम, चाचा हरिनाम, कुंवारे व भाई लवकुश ने गला दबाकर कर दी। आरोपियों ने युवती की हत्या करने के बाद उसके शव को बोरे में भरकर गांव के बाहर झाड़ियों में छिपा दिया। इसके बाद सब घर छोड़कर फरार हो गए। देर रात किसी ग्रामीण के जरिए पुलिस को वारदात की जानकारी हुई।
पुलिस पहुंची तो लड़की के घर पर ताला लगा था, लेकिन थोड़ी ही देर में लड़की का चाचा हरिनाम पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पूछताछ में उसने बताया कि युवती की हत्या कर शव नहर में फेंका गया है। काफी देर तक नहर में शव तलाशने के बाद जब आरोपी से सख्ती की गई तो पुलिस को पता चल सका कि युवती का शव गांव के बाहर झाड़ियों में छिपाया गया है।
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले में आरोपी पिता, दो चाचा व भाई के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना के बाद एएसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह, सीओ सिटी श्रीपाल यादव, देवा कोतवाल बीपी यादव सहित पुलिस अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया।
विवाह के बहाने प्रीति को बुलाया गांव
पुलिस की मानें तो प्रीति व स्वाजातीय संदीप का लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था उसके बाद प्रीति दो साल पहले एक बार संदीप के साथ कहीं चली गई थी जिसके कुछ दिन बाद प्रीति अपने घर लौट आई थी। इस दौरान संदीप से नजदीकियां कायम रही। मृतका ने एक साल पहले संदीप के साथ विवाह कर लिया और उसके साथ जालंधर रहने लगी थी। वहां अभी एक माह पूर्व उसने एक बेटे को जन्म दिया।
इस दौरान पिता को उसके जालंधर में रहने की जानकारी हो गई। उसने बहन के विवाह समारोह में शामिल होने का झांसा देकर बेटी और उसके पति को घर बुलाया। प्रीति अपने पति के साथ मंगलवार शाम को ही गांव पहुंची थी जिसके कुछ देर बाद उसे मार डाला गया।
बेटी का कत्ल देखती रही मां
अफसरों की मानें तो प्रीति अपने गांव आने के बाद पति संदीप के घर पर थी। मंगलवार शाम संदीप के घर से उसके सामने ही प्रीति को उसका पिता ले जाने लगा। संदीप ने मना किया तो पिता ने कहा कि प्रीति से कुछ बात करनी है, लेकिन प्रीति ने जब साथ जाने से इंकार किया तो पिता उसे जबरन घसीटते हुए अपने घर में ले गया। इस दौरान विरोध करने आए प्रीति के पति संदीप को उसके पिता ने जान से मारने की धमकी देते हुए घर से भगा दिया।
पति के यहां से प्रीति को घर लेकर पहुंचे पिता ने घर में पहले से ही मौजूद उसके चाचा हरिनाम, कुंवारे व भाई लवकुश ने एक चारपाई पर प्रीति को पटककर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। जिस समय प्रीति की हत्या की जा रही थी उस समय उसकी मां सामने बैठी थी लेकिन उसका दिल भी नहीं पसीजा।
पुुलिस को गुमराह करते रहे आरोपी
प्रीति की हत्या करने के बाद उसके परिवारीजनों शव को बोरेे में बांधकर गांव के बाहर झाड़ियों मेें छिपा दिया था। पति संदीप भी डर के मारे कहीं लापता हो गया था। देर रात गांव के किसी ग्रामीण ने पुलिस को इस वारदात के बारे में फोन कर जानकारी दी थी। जिसके बाद पुलिस ने गांव पहुंचकर चाचा हरनाम को गिरफ्तार किया इस बीच अन्य आरोपी घर में ताला बंद कर भाग निकले।
पुलिस को मृतका के चाचा ने पहले बताया कि उसने प्रीति के शव को शारदा नहर में फेंका है। इसके बाद पुलिस रात से लेकर बुधवार की दोपहर तक शव नहर में तलाश करवाती रही। इस बीच जब पुलिस ने सख्ती की तो आरोपी चाचा ने बताया कि शव नहर में नहीं बल्कि झाड़ियों में फेंका गया था जिसके बाद प्रीति का शव पुलिस ने बरामद किया है।
रात भर गायब रहा संदीप, मासूम बेटे पर भी नहीं आया तरस
मृतका प्रीति के पति को उसके पिता व अन्य परिवारीजनों ने जान से मारने की धमकी दी थी। जिसके चलते मंगलवार की पूरी रात संदीप गांव से गायब रहा। बुधवार की दोपहर ही संदीप पुलिस के पास पहुंच सका। प्रीति को ले जाने के पहले उसके एक माह के पुत्र को उसके पिता ने पति संदीप की मां के पास ही छोड़ने को कहा था। हत्यारे पिता को अपनी पुत्री के एक माह के मासूम बेटे पर भी तरस नहीं आया। आरोपी पिता कह रहा था कि प्रीति ने उसकी नाक कटवा दी।
कैमई गांव में एक युवती की हत्या उसके पिता, भाई व चाचा ने मिलकर की है। हत्यारोपियों ने युवती के शव को बोरे में भरकर झाड़ियों में छिपा दिया था। आरोपी मंगलवार रात से लेकर बुधवार की शाम तक पुलिस को बता रहे थे कि युवती के शव को नहर में फेंका है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर ही युवती का शव बरामद किया गया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच पड़ताल कर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
- बीपी यादव, देवा कोतवाल