रोज 66 करोड़ की निकासी से गहराया नकदी का संकट
गोंडा। नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद जिस तरह से कैश की किल्लत थी उतनी तो नहीं पर अधिकांश बैंक की शाखाओं व एटीएम बूथों पर नो कैश का बोर्ड लगने से लोगों को कैश की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
इसके पीछे जो कारण है वह अंचभित करने वाला है। गोंडा जिले में विभिन्न बैंकों की 220 शाखाओं से औसतन प्रतिदिन 66 करोड़ कैश की निकासी होती है और इसके अनुपात में 30 प्रतिशत धनराशि भी नहीं जमा हो पाती है। कुछ शाखाओं में तो निल जमा होने के कारण स्थिति गंभीर बनी है।
बैंक के जिम्मेेदार अधिकारी मानते हैं कि कैश की किल्लत है। इसमें निकासी के सापेक्ष जमा न होना और आरबीआई से नोटों की आपूर्ति भी कम होती है। इससे दिक्कतें पैदा हुई हैं।
डेढ़ साल बाद एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात दिख रहे हैं। पिछले छह दिनों से विभिन्न बैंकों में कैश की किल्लत एवं एटीएम भी कैस के आभाव से बंद दिख रहे हैं जो खुले भी हैं उनमें नो कैश का बोर्ड लगा है।
भारतीय स्टेट बैंक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक व इलाहाबाद बैंक की तमाम ऐसी शाखाएं हैं। जहां सबसे अधिक खाताधारक हैं। यहां पिछले पांच दिनों से जबरदस्त कैश की किल्लत बनी हुई है। मार्च क्लोजिंग के बाद शनिवार व रविवार को सभी बैंक बंद थे।
बैंक बंद थे इसलिए किसी भी एटीएम में पैसे ही नहीं डाले गए। खरमास समाप्त होने के बाद 14 अप्रैल से सहालग भी शुरू हो गया है। इससे लोगों को अपने बेटे व बेटियों की शादी के लिए खरीदारी करने को भी धनाभाव से जूझना पड़ रहा है। बैंक ग्राहक कृष्ण गोपाल, राजेंद्र प्रसाद, सरबजीत, इंद्रसेन, धर्मराज, राज किशोर का कहना है लगातार एक हफ्ते से पैसा निकालने के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे हैं।
जहां कैश नहीं मिल रहा है। एटीएम भी बंद होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अपनी जरूरत को पूरी करने के लिए बैंकों में जमा धन लोगों को मौके पर नहीं मिल रहा है। लीड बैंक मैनेजर दशरथी बोहरा ने बताया कि कैश की समस्या आई है।
दरअसल आरबीआई से जितनी मांग की जाती है उतना कैश नहीं मिल पाता है। बोहरा ने बताया कि जिले में विभिन्न बैंकों के 220 ब्रांच हैं। प्रत्येक ब्रांच से औसतन 30 लाख रुपये की निकासी होती है, जमा का अनुपात बहुत कम है।
यहां तक कि किसी शाखा में एक लाख व डेढ़ लाख जमा होता है तो कहीं बिल्कुल निल रहता है। ऐसे में कैस की समस्या तो आएगी ही। इसके लिए लोगों को धनराशि रोटेट करते रहना चाहिए जिससे समस्या न हो।