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पूर्व प्रधान व सचिव से 12.40 लाख की वसूली के आदेश

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पूर्व प्रधान व सचिव से 12.40 लाख की वसूली के आदेश

गोंडा। छपिया ब्लाक के माड़ा ग्राम पंचायत में मनरेगा में 12.40 लाख के गबन के मामले में पूर्व प्रधान सावित्री देवी और तत्कालीन सचिव इंद्रदेव शुक्ल से वसूली के आदेश जारी हुए हैं।

गबन के मामले का खुलासा लेखा परीक्षक धनश्याम की जांच मे हुआ है उन्होंने वर्ष 2011 से 2013-14 के बीच कराए गए कार्यों के अभिलेखों की पड़ताल किया। उन्होने जांच में पाया कि बड़े पैमाने पर गलत तरीके से भुगतान लिए गए।
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तीन वित्तीय वर्षों में तत्कालीन प्रधान व सचिव ने 12.40 लाख रुपये का गबन किया है। मनरेगा से हुए कार्यों में 12.40 लाख रुपये के व्यय के बारे में पंचायत से अभिलेख भी नही मिल पाए।

यही नही बजट खर्च करने में मनरेगा के प्राविधानों का ध्यान नही रखा गया। लेखा परीक्षक की रिपोर्ट को जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम्य विकास विभाग को कार्रवाई के लिए भेजा। विभाग ने पूर्व प्रधान व सचिव से 50-50 फीसदी वसूली के आदेश दिए हैं।

छपिया विकास खंड के ग्राम पंचायत माड़ा में वर्ष 2011 से 2013-14 मनरेगा के तहत कराए विकास कार्य में जमकर घपला किया गया। इस मामले में शासकीय धन के घपले को गंभीरता से लेकर उपायुक्त श्रम रोजगार ने 12. 40 लाख रुपये से अधिक के धन की अनियमित्तता किये जाने से शासकीय धन की वसूली के लिए खंड विकास अधिकारी को आदेश जारी किया है।

गबन की राशि की वसूली ग्राम माड़ा के पूर्व प्रधान व पूर्व सचिव से की जाएगी। मनरेगा के उपायुक्त ने खंड विकास अधिकारी को आदेश दिया है कि पंचायत में हुए गबन की धनराशि पूर्व प्रधान सावित्री देवी से 6 लाख 20 हजार 41 रुपए की वसूली और इतनी ही धनराशि तत्कालीन सचिव इंद्रदेव शुक्ल से किया जाए।

खंड विकास अधिकारी से वसूली की गई धनराशि का ब्यौरा भी मांगा है। बताया जा रहा है कि गबन की धनराशि वसूली में ब्लाक स्तर से लापरवाही हो रही है और इसके कारण उपायुक्त को आदेश जारी करना पड़ा है। पहले भी वसूली के लिए निर्देश दिए गए थे।

आयुक्त सुधेश कुमार ओझा ने जिलाधिकारी को छपिया के माड़ा पंचायत के गबन मामले में कार्रवाई के आदेश दिए हैं। मामले की शिकायत पूर्व सदस्य अमिताभ शुक्ल ने आयुक्त से करके गबन की धनराशि की वसूली राजस्व से कराने की मांग किया है।
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पंचायत में हुई अनियमितता की जांच हुई थी, गबन की धनराशि पूर्व प्रधान व सचिव से बराबर-बराबर जमा कराने की कार्रवाई की जा रही है। बीडीओ को आदेश दिए गए हैं।
अशोक कुमार, सीडीओ
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