कालानी फूड प्रोडक्ट का रस्क व पराग दूध का नमूना फेल
गोंडा। जिले के कालानी फूड प्रोडक्ट्स कम्पनी के रस्क का नमूना जांच में फेल हो गया। इसी तरह से पराग के दूध का नमूना फेल हुआ है। इसमें जिला न्याय निर्णायक अधिकारी ने कालानी फूड प्रोडक्ट निर्माता कम्पनी पर 10 हजार रुपये व उसके रस प्रोडक्ट के विक्रेता अनीस पर 10 हजार रुपये का जुर्माने से दंडित किया है।
इसी तरह से सहकारी दुग्ध संघ के दूध का नमूना फेल होने के वाद में पराग दुग्ध संघ फैजाबाद पर 25 हजार रुपये व गोंडा के पराग दुग्ध संघ के मैनेजर अनिल मिश्रा पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
खाद्य सुरक्षा एंव औषधि प्रशासन के जिला मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके उपाध्याय ने बताया कि छह माह पहले जिले में मिलावटी खाद्य पद्धार्थों की बिक्री पर रोक लगाए जाने के लिए चलाए गये अभियान में जिले भर में कई खाद्य वस्तुओं की निर्माता कंपनियों व विक्रेताओं के यहां नमूने भरे गये। इस जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था।
कई खाद्य वस्तुओं के नमूने अधोमानक पाए गये। खाद्य औषधि प्रशासन की टीम ने शहर के कालानी फूड प्रोडक्ट्स कम्पनी से बनने वाले रस्क के विक्रेता अनीस के यहां से नमूना लिया था। नमूने की जांच में रस मानक के मुताबिक नही मिला ।
इसी तरह से फैजाबाद के पराग दुग्ध संघ से निर्मित दूध के पैकेट का फैजाबाद रोड गोंडा स्थित पराग दुग्ध संघ से दूध पैकेट का नमूना लिया गया। जांच में यह नमूना भी फेल निकला। इस पर विभाग ने मामले का न्याय निर्णायक अधिकारी के कोर्ट में वाद दायर किया। लोगों के सेहत से जुड़े खाद्य वस्तुओं के मानक के मुताबिक न होने पर कोर्ट ने निर्माता कम्पनी व विक्रेताओं को दोषी ठहराया।
निर्णायक अधिकारी ने कालानी फूड प्रोडक्ट्स कम्पनी पर 10 हजार व इस कम्पनी का रस उत्पाद के विके्रता अनीस पर 10 हजार का अर्थदण्ड लगाया। इसी तरह से पराग दुग्ध संघ फैजाबाद पर 25 हजार रुपये व पराग दुग्ध संघ गोंडा के प्लाण्ट मैनेजर अनिल मिश्रा को 15 हजार रुपये के अर्थ दण्ड से दंडित किया है।
इसी तरह से बृजवासी पनीर भण्डार कुड़ासन बाजार के विक्रेता उदय सिंह के पनीर का नमूना अधोमानक होने पर 40 हजार रुपये, दूध का नमूना फेल होने पर दूध विक्रेता राम सेवक यादव पर 35 हजार रुपये, आइसक्रीम विक्रेता भरत राम गुप्ता पर आइसक्रीम का नमूना फेल होने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
सभी को दंडित किये जाने वाले जुर्माना राजस्व की रकम को जमा कराने का आदेश दिया गया है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके उपाध्याय ने बताया कि कुल आठ मिलावटी खाद्य वस्तुओं के मामले में 2.35 लाख रुपये का जुर्माना हुआ है।